पाक टीम में सिलेक्शन पर उठे सवाल तो बोले बाबर आजम: टीम चुनना मेरे हाथ में नहीं, सिलेक्टर्स का काम है
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48 मिनट पहले
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प्लेयर्स का सिलेक्शन और ड्रॉप होना मेरे वश में नहीं: बाबर आजम
श्रीलंका के खिलाफ आगामी टेस्ट श्रृंखला की शुरुआत से ठीक पहले पाकिस्तान की क्रिकेट टीम में खिलाड़ियों के चयन को लेकर एक बार फिर तीखी बहस छिड़ गई है। टीम संयोजन में लगातार हो रहे बदलावों के बीच कप्तान बाबर आजम ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि किस खिलाड़ी को टीम में शामिल किया जाए और किसे बाहर किया जाए, यह फैसला उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है।
रावलपिंडी में पहला टेस्ट मुकाबला शुरू होने से ठीक एक दिन पहले मीडिया से बातचीत करते हुए पाकिस्तानी कप्तान ने चयन प्रक्रिया पर अपनी बात रखी। बाबर आजम ने कहा कि टीम चयन को लेकर वे अपनी राय और सुझाव जरूर देते हैं, लेकिन अंतिम निर्णय पूरी तरह से चयनकर्ताओं और कोचिंग स्टाफ का होता है। उन्होंने बताया कि सिलेक्टर्स और कोचों ने उन्हें 15 खिलाड़ी सौंपे हैं, और उन खिलाड़ियों से मैदान पर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करवाना तथा मैच जिताने वाला खेल निकलवाना ही उनकी मुख्य जिम्मेदारी है।
अपनी भूमिका को लेकर उठ रहे सवालों पर बाबर आजम ने आगे कहा कि वे अपनी जिम्मेदारी को लेकर हमेशा खुलकर चर्चा करते हैं। वे अपनी राय प्रबंधन के सामने रखते हैं, जिसके बाद चयनकर्ता और कोच अपने स्तर पर निर्णय लेते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि वे सार्वजनिक रूप से यह उजागर नहीं कर सकते कि उनकी राय का कहां तक प्रभाव रहता है और किन मामलों में उनका कोई हस्तक्षेप नहीं होता है।
श्रीलंका के खिलाफ मुकाबला शुरू होने से 48 घंटे पहले टीम में बड़े बदलाव
श्रीलंका के विरुद्ध टेस्ट सीरीज का पहला मैच शुरू होने से ठीक पहले पाकिस्तानी टीम के भीतर हुए फेरबदल ने क्रिकेट जगत में काफी ध्यान आकर्षित किया है। यह लगातार दूसरी ऐसी टेस्ट श्रृंखला बन गई है, जिसमें शुरुआती टीम का ऐलान किए जाने के बाद उसमें अचानक बदलाव किए गए हैं।
शनिवार को पहले टेस्ट मैच के आगाज से 48 घंटे से भी कम समय पहले टीम में बड़े फैसले लिए गए:
- अब्दुल्ला फजल और अली उस्मान को टीम से बाहर कर दिया गया।
- इन दोनों के स्थान पर 4 नए खिलाड़ियों को अचानक टीम में जगह दी गई।
- इन 4 नए खिलाड़ियों में से तीन खिलाड़ी ऐसे हैं, जिन्होंने अब तक अपने करियर में एक भी टेस्ट मुकाबला नहीं खेला है और डेब्यू भी नहीं कर पाए हैं।
इंग्लैंड टेस्ट सीरीज के दौरान भी हुआ था भारी फेरबदल
पाकिस्तान क्रिकेट टीम में यह पहली बार नहीं हुआ है जब इस तरह का अचानक बदलाव देखा गया हो। इससे पहले इंग्लैंड के खिलाफ खेली गई टेस्ट श्रृंखला के तीसरे मैच से ठीक पहले भी ऐसा ही देखने को मिला था।
उस समय पाकिस्तान के चयनकर्ताओं ने एक साथ बड़ा कदम उठाया था:
- टीम के 7 खिलाड़ियों को अचानक बाहर कर दिया गया था।
- उनकी जगह पर नए सिरे से 7 नए खिलाड़ियों को टीम में शामिल किया गया था।
- इतना ही नहीं, उस दौरान टीम के मुख्य कोच और गेंदबाजी कोच को भी उनके पदों से हटा दिया गया था।
युवा और अनुभवी खिलाड़ियों के संतुलन पर जोर
टीम में बार-बार हो रहे इन बदलावों और नए चेहरों की एंट्री पर बाबर आजम ने युवा खिलाड़ियों को मौका दिए जाने के फैसले का बचाव किया है। कप्तान का मानना है कि इस समय पाकिस्तान क्रिकेट टीम एक बदलाव के दौर से गुजर रही है और अनुभवी तथा युवा खिलाड़ियों के बीच एक मजबूत समन्वय बनाने की कोशिश की जा रही है।
बाबर आजम ने कहा कि मौजूदा पाकिस्तानी टीम काफी युवा है। प्रबंधन और कप्तान के तौर पर उनकी कोशिश सीनियर और जूनियर खिलाड़ियों का एक बेहतरीन कॉम्बिनेशन तैयार करने की है, ताकि टीम लंबे समय तक प्रतिस्पर्धी बनी रहे और मैदान पर बेहतर परिणाम हासिल कर सके।
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