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44 मिनट पहले
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बीजेपी का बड़ा दावा: कर्नाटक सरकार का पहला विकेट गिरा
कर्नाटक की सियासत में वाल्मीकि विकास निगम से जुड़े 89 करोड़ रुपये के कथित घोटाले के मामले में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। राज्य के योजना और सांख्यिकी मंत्री बी. नागेंद्र ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। खास बात यह है कि उन्होंने मंत्री पद की शपथ लेने के मात्र 25 दिन बाद ही यह कदम उठाया है। बीजेपी ने नागेंद्र के इस इस्तीफे को अपनी निरंतर जारी लड़ाई और संघर्ष की एक महत्वपूर्ण जीत करार दिया है। पार्टी ने कांग्रेस सरकार को चेतावनी दी है कि उनका आंदोलन सिर्फ एक इस्तीफे तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वे इस पूरे मामले में जवाबदेही तय करने और गायब हुई धनराशि को वापस लाने के लिए अपनी मुहिम तेज करेंगे।
आर. अशोक बोले: आगे और भी विकेट गिरेंगे
कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने नई दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए इसे सरकार के खिलाफ एक बड़ी सफलता बताया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि बी. नागेंद्र का इस्तीफा डी.के. शिवकुमार के नेतृत्व वाली सरकार के लिए पहला बड़ा झटका है। आर. अशोक के शब्दों में, हमारे संघर्ष और हमारे जमीनी कार्यकर्ताओं की मेहनत का नतीजा है कि इस सरकार का पहला विकेट गिर चुका है। अभी सरकार को बने हुए 3 महीने भी पूरे नहीं हुए थे कि यह स्थिति पैदा हो गई। उन्होंने आगे कहा कि नागेंद्र को मंत्री बने हुए अभी महज 25 या 26 दिन ही हुए थे, लेकिन इतने कम समय में ही पार्टी को यह कामयाबी मिली है। उन्होंने दावा किया कि भविष्य में सरकार के और भी विकेट गिरना तय है।
187 करोड़ की लूट के खिलाफ आर-पार की लड़ाई
आर. अशोक ने जोर देकर कहा कि बीजेपी का यह आंदोलन केवल बी. नागेंद्र को हटाने के लिए नहीं था, बल्कि यह दलितों के लिए आवंटित 187 करोड़ रुपये की कथित लूट के खिलाफ है। बीजेपी ने इस गंभीर मुद्दे पर दिन-रात प्रदर्शन किए और विधानसभा के पटल पर सरकार को घेरे रखा। विपक्षी नेता ने आरोप लगाया कि दबाव में आकर सरकार ने विधानसभा का सत्र तक छोटा कर दिया था। आर. अशोक ने दोहराया कि बीजेपी ने संकल्प लिया था कि जब तक मंत्री का इस्तीफा नहीं हो जाता, वे पीछे नहीं हटेंगे और अब वह मांग पूरी हो चुकी है।
बीजेपी का आंदोलन और तेज करने की रणनीति
मंत्री के इस्तीफे को अपनी एक आंशिक जीत बताते हुए आर. अशोक ने कहा कि बीजेपी का आंदोलन अभी थमेगा नहीं। भविष्य की रणनीति पर चर्चा करने के लिए वे राज्य अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र और अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक करेंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी जनता, किसानों और समाज के वंचित वर्गों से जुड़ी समस्याओं के लिए अपना संघर्ष जारी रखेगी। आर. अशोक ने यह भी जानकारी दी कि उन्होंने नई दिल्ली में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष से मुलाकात की है और उन्हें घटनाक्रम से अवगत कराया है। राष्ट्रीय नेतृत्व की ओर से भी उन्हें जनहित में अधिक से अधिक आंदोलन करने के निर्देश मिले हैं।
बड़े शार्क अभी भी हैं आजाद
कर्नाटक बीजेपी अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने भी इस मामले में तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बेंगलुरु में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि बी. नागेंद्र तो केवल इस पूरी साजिश का एक छोटा सा हिस्सा है। विजयेंद्र ने दावा किया कि इस पूरे घोटाले के पीछे बड़े-बड़े शार्क शामिल हैं जो अभी कानून की पकड़ से बाहर हैं। उनका स्पष्ट मानना है कि बीजेपी की प्राथमिक मांग वाल्मीकि विकास निगम के 187 करोड़ रुपये को वापस सरकारी खाते में लाना है, क्योंकि यह पैसा शोषित और वंचित समुदायों के उत्थान के लिए निर्धारित किया गया था।
पूरे मामले में जवाबदेही की मांग
बीजेपी अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने साफ किया कि पार्टी का संघर्ष केवल एक मंत्री का इस्तीफा लेने तक सीमित नहीं था, बल्कि वे इस पूरे भ्रष्टाचार की परतें उधेड़ना चाहते हैं। उन्होंने मांग की है कि इस घोटाले में शामिल सभी बड़े चेहरों की पहचान सार्वजनिक की जाए और यह उजागर किया जाए कि इसके पीछे की गहरी साजिश क्या थी। उनका कहना है कि पार्टी का लक्ष्य न केवल जवाबदेही सुनिश्चित करना है, बल्कि गलत तरीके से हड़पी गई पूरी रकम की रिकवरी भी सुनिश्चित करना है। बीजेपी ने संकेत दिए हैं कि वे इस मामले में तब तक चैन से नहीं बैठेंगे जब तक कि पूरी सच्चाई जनता के सामने नहीं आ जाती।
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