राम मंदिर दान विवाद: एसआईटी जांच में खुली पोल, चांदी की ईंटें और कीमती सामान चोरी होने के दावे निकले झूठे उत्तर प्रदेश एक महीने पहले 61
राम मंदिर में दान की गई चांदी की ईंटों और विशेष दीपकों की चोरी को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों पर एसआईटी ने लगाम लगा दी है। जांच में सभी आरोप पूरी तरह निराधार पाए गए हैं।

एसआईटी की रिपोर्ट से सच सामने आया

अयोध्या स्थित राम मंदिर में दान और चढ़ावे को लेकर चल रहे विवादों के बीच विशेष जांच दल यानी एसआईटी की तफ्तीश अपने अंतिम चरण में है। इस मामले में एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है, जिससे कई बड़े खुलासे हो रहे हैं। पुलिस ने अब तक इस प्रकरण में कई लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है और गिरफ्तारियां भी की गई हैं। अधिकारियों का मुख्य उद्देश्य दान के धन और सामग्री की सुरक्षा को सुनिश्चित करना है।

क्या था चांदी की ईंटों का पूरा मामला

पिछले कुछ समय से विपक्ष ने राम मंदिर में दान की गई 63 किलो चांदी की ईंटों और विशेष दीपकों के गायब होने का बड़ा नैरेटिव खड़ा किया था। इन दावों के आधार पर सरकार और ट्रस्ट पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे थे। हालांकि, एसआईटी की गहन जांच ने अब इन तमाम आरोपों की पोल खोल दी है। जांच दल ने स्पष्ट कर दिया है कि मंदिर से चांदी की ईंटें या कोई भी कीमती वस्तु चोरी नहीं हुई है और ये दावे केवल सफेद झूठ हैं।

दावे पूरी तरह बेबुनियाद

जांच में इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन के उत्तर भारत प्रमुख अनुराग रस्तोगी के हवाले से किए गए दावों को भी खारिज कर दिया गया है। जिन चांदी की ईंटों के गायब होने की बात सोशल मीडिया और अन्य मंचों पर बड़े जोर-शोर से फैलाई गई थी, उनका कोई प्रमाण नहीं मिला है। एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि मंदिर प्रशासन के खिलाफ फैलाया जा रहा यह नैरेटिव पूरी तरह से आधारहीन और राजनीति से प्रेरित था।

चेतन तिवारी पाबना के उत्तर प्रदेश संवाददाता हैं और राज्य की राजनीति, प्रशासन तथा जमीनी मुद्दों को कवर करते हैं। लखनऊ में रहते हुए वे जिलों से लेकर विधानसभा तक की खबरें संतुलित रिपोर्टिंग के साथ पाठकों तक पहुंचाते हैं। आम लोगों के मुद्दों और स्थानीय घटनाओं पर उनका खास फोकस रहता है।

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