अयोध्या में सरयू जयंती महोत्सव का भव्य आगाज़, पांच दिनों तक भक्ति के रंग में डूबी रहेगी रामनगरी उत्तर प्रदेश 3 महीने पहले 118
उत्तर प्रदेश के अयोध्या में मां सरयू की जयंती के उपलक्ष्य में पांच दिवसीय महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें 29 जून को विशेष महाआरती और भव्य कार्यक्रम होंगे।

अयोध्या में भक्ति और आस्था का संगम

रामनगरी अयोध्या में इस समय भक्ति का अनूठा माहौल देखने को मिल रहा है। पावन सरयू नदी के तट पर मां सरयू की जयंती के उपलक्ष्य में पांच दिवसीय महोत्सव का भव्य आगाज हो चुका है। इस आयोजन के दौरान पूरा तट क्षेत्र धार्मिक अनुष्ठानों, भजनों और कीर्तन की गूँज से सराबोर है। देश के कोने कोने से श्रद्धालु यहां पहुँच रहे हैं और पुण्य लाभ अर्जित कर रहे हैं। सनातन परंपरा में मां सरयू का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है।

14वां सरयू जयंती महोत्सव

सरयू आरती स्थल के अध्यक्ष महंत शशिकांत दास के अनुसार, यह 14वां सरयू जयंती महोत्सव है। उन्होंने बताया कि हर वर्ष की भांति इस बार भी इस महोत्सव को पूरी श्रद्धा और गरिमा के साथ मनाया जा रहा है। आयोजन के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि पांच दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में प्रतिदिन सरयू कथा, सत्संग और भजन जैसे धार्मिक कार्यक्रमों का सिलसिला जारी रहेगा। इन आयोजनों में श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या शिरकत कर रही है और वे मां सरयू की महिमा को आत्मसात कर रहे हैं।

सरयू के स्नान और दर्शन का महत्व

महंत शशिकांत दास ने सनातन धर्म में सरयू नदी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मां सरयू की सेवा और उनका दर्शन मनुष्य को आध्यात्मिक शांति प्रदान करता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सरयू नदी के जल में स्नान करने मात्र से व्यक्ति के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और उसे दिव्य कृपा प्राप्त होती है। अयोध्या धाम आने वाले प्रत्येक भक्त के लिए मां सरयू का दर्शन और उनकी आराधना जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करती है। ग्रंथों में भी सरयू की महिमा का विस्तृत वर्णन मिलता है।

29 जून को होगा मुख्य जन्मोत्सव

महोत्सव का समापन और मुख्य आकर्षण 29 जून को देखने को मिलेगा। इस दिन मां सरयू का जन्मोत्सव पूरे वैदिक विधि विधान के साथ संपन्न होगा। इस विशेष अवसर के लिए भव्य तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। 29 जून को होने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा निम्न प्रकार है:

  • मां सरयू की विशेष पूजा और अर्चना।
  • नदी तट पर भव्य महाआरती का आयोजन।
  • विशिष्ट सरयू कथा और धर्म चर्चा।
  • भजन संध्या में नामी कलाकारों की प्रस्तुति।

इस अवसर पर बड़ी संख्या में संत महात्माओं और श्रद्धालुओं के जुटने की उम्मीद है। आयोजकों का लक्ष्य है कि इस बार के जन्मोत्सव को ऐतिहासिक बनाया जाए। सुबह से ही सरयू तट पर पूजा पाठ, दीपदान और आरती का जो क्रम शुरू होता है, वह देर रात तक जारी रहता है। श्रद्धालुओं का अटूट विश्वास है कि मां सरयू की कृपा से जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं और परिवार में खुशहाली आती है। रामनगरी के लोग भी इस महोत्सव को लेकर खासे उत्साहित हैं और अतिथियों के स्वागत में जुटे हैं।

चेतन तिवारी पाबना के उत्तर प्रदेश संवाददाता हैं और राज्य की राजनीति, प्रशासन तथा जमीनी मुद्दों को कवर करते हैं। लखनऊ में रहते हुए वे जिलों से लेकर विधानसभा तक की खबरें संतुलित रिपोर्टिंग के साथ पाठकों तक पहुंचाते हैं। आम लोगों के मुद्दों और स्थानीय घटनाओं पर उनका खास फोकस रहता है।

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