ऑस्ट्रेलियाई सर्वे में भारत का दबदबा, भरोसा करने के मामले में अमेरिका और चीन को भी पीछे छोड़ा विश्व 2 महीने पहले 86
लॉवी इंस्टीट्यूट के नए सर्वे में खुलासा हुआ है कि ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों का भारत पर भरोसा लगातार बढ़ रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत अब वैश्विक स्तर पर अमेरिका और चीन जैसे देशों से कहीं अधिक विश्वसनीय बनकर उभरा है।

ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों के बीच बढ़ी भारत की विश्वसनीयता

भारत की वैश्विक साख में लगातार इजाफा हो रहा है, जिसका सीधा प्रमाण ऑस्ट्रेलिया के प्रतिष्ठित थिंक टैंक लॉवी इंस्टीट्यूट (Lowy Institute) द्वारा जारी किए गए ताजा सर्वे में देखने को मिला है। इस रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया के तमाम बड़े देशों के मुकाबले ऑस्ट्रेलियाई नागरिक भारत पर सबसे ज्यादा भरोसा जता रहे हैं। भारत की आर्थिक मजबूती और विदेश नीति के सक्रिय स्वरूप ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर उसे एक भरोसेमंद साझेदार के रूप में स्थापित कर दिया है।

सर्वे के चौंकाने वाले आंकड़े

बीते 23 जून को जारी की गई इस रिपोर्ट के आंकड़े काफी महत्वपूर्ण हैं। सर्वे के अनुसार, 50 फीसदी ऑस्ट्रेलियाई नागरिक भारत पर भरोसा करते हैं। इसके विपरीत, अन्य देशों की स्थिति काफी अलग है:

  • अमेरिका: केवल 31 फीसदी ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों का विश्वास है, जो इस सर्वे के इतिहास में अब तक का सबसे निचला स्तर है।
  • चीन: महज 28 फीसदी लोगों ने चीन पर भरोसा जताया है।
  • रूस: रूस पर विश्वास करने वालों की संख्या केवल 11 फीसदी है।

भारत को मिल रही बड़ी वैश्विक जिम्मेदारी

रिपोर्ट के अनुसार, 46 फीसदी ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों का यह मानना है कि भारत आने वाले समय में वैश्विक मामलों में पूरी जिम्मेदारी के साथ अपनी भूमिका निभाएगा। इसके साथ ही, 4 फीसदी लोगों ने भारत के नेतृत्व पर पूर्ण विश्वास व्यक्त किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वैश्विक पहचान और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भारत की बढ़ती सक्रियता ने ऑस्ट्रेलिया जैसे अहम सहयोगी देशों के मन में भारत के प्रति सम्मान और विश्वास को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। दूसरी ओर, अमेरिका और चीन जैसी कथित महाशक्तियों के प्रति ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों का सतर्क रुख सर्वे में साफ तौर पर उभर कर सामने आया है।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप