30 की उम्र निकल गई पर शादी अटकी है? जानें वो दो असरदार उपाय जो दूर करेंगे विवाह की बाधा ज्योतिष एक घंटा पहले 2
विवाह में देरी से परेशान युवाओं के लिए बल्लभगढ़ के उदासीन साधु आश्रम के महंत कामेश्वरानंद वेदांताचार्य ने कुछ धार्मिक उपाय सुझाए हैं, जिनमें मां गौरी की पूजा और गौ माता को मीठी रोटी खिलाने जैसे उपाय शामिल हैं।

आज के समय में कई परिवारों के लिए सबसे बड़ी चिंता बच्चों की शादी बन गई है। पढ़ाई पूरी होने के बाद नौकरी तो मिल जाती है, लेकिन जैसे ही उम्र 30 साल के करीब पहुंचती है और विवाह की बात आगे नहीं बढ़ पाती, माता-पिता की बेचैनी बढ़ने लगती है। अच्छे रिश्ते की तलाश में बार-बार बात बनते-बनते रुक जाना और बढ़ती उम्र परिवार को मानसिक दबाव में डाल देती है। ऐसी स्थिति में लोग धार्मिक और आध्यात्मिक उपायों का भी सहारा लेने लगते हैं।

बल्लभगढ़ के उदासीन साधु आश्रम के महंत कामेश्वरानंद वेदांताचार्य ने विवाह में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए कुछ उपाय बताए हैं।

सबसे पहले व्यावहारिक प्रयास जरूरी

महंत कामेश्वरानंद वेदांताचार्य कहते हैं कि परिवारों को सबसे पहले व्यावहारिक रूप से सक्रिय रहना चाहिए और रिश्तेदारों व परिचितों से लगातार संपर्क बनाए रखना चाहिए। उनके अनुसार यदि लड़का 26-27 या 28 वर्ष का हो चुका है तो उसके लिए योग्य कन्या की तलाश शुरू कर देनी चाहिए। इसी तरह विवाह योग्य उम्र में पहुंच चुकी लड़की के लिए अच्छे वर की खोज होनी चाहिए। उनका मानना है कि लोगों से मिलना-जुलना और अपनी बात साझा करना भी उतना ही जरूरी है।

मां गौरी की पूजा का विशेष महत्व

महंत बताते हैं कि विवाह के लिए मां भगवती जगदंबा और मां गौरी की पूजा का खास महत्व है। उनके अनुसार माता सीता ने भगवान राम से विवाह से पहले गौरी पूजन किया था और इसी प्रकार माता रुक्मिणी भी भगवान श्रीकृष्ण से विवाह से पूर्व मां गौरी की आराधना के लिए गई थीं। इसलिए विवाह की इच्छा रखने वाले युवक-युवतियों को मां गौरी का पूजन अवश्य करना चाहिए।

उनका कहना है कि गुरुवार का दिन विवाह संबंधी बाधाओं को दूर करने के लिए शुभ माना जाता है। इस दिन लक्ष्मी-नारायण भगवान का स्मरण करते हुए केले के वृक्ष की पूजा करनी चाहिए और उसकी परिक्रमा करनी चाहिए। ऐसा करने से गुरु ग्रह मजबूत होता है और विवाह के योग बनने लगते हैं।

गौ माता से जुड़ा रोटी वाला उपाय

महंत कामेश्वरानंद वेदांताचार्य एक और विशेष उपाय गौ माता से जुड़ा बताते हैं। उनके अनुसार घर में बनने वाली पहली रोटी में थोड़ा गुड़ या चीनी मिलाकर मीठी रोटी तैयार करनी चाहिए। यह रोटी ऐसी गाय को खिलाएं जो दूध देती हो और जिसके साथ उसका बच्चा भी हो।

उनका कहना है कि जिस युवक या युवती का विवाह नहीं हो रहा है, वह स्वयं प्रेम और श्रद्धा के साथ 45 दिनों तक लगातार पहली रोटी गौ माता को खिलाए और उन्हें प्रणाम करके घर लौटे। महंत के अनुसार इस उपाय से विवाह के रास्ते में आने वाली रुकावटें दूर होने लगती हैं और 100% शादी हो जाती है।

21 मंगलवार तक हनुमान मंदिर की पूजा

महंत कामेश्वरानंद वेदांताचार्य के मुताबिक, 21 मंगलवार तक हनुमान मंदिर जाकर पूजा करना भी लाभकारी माना गया है। वे बताते हैं कि हनुमान जी के मस्तक का थोड़ा सा सिंदूर लेकर सीता-राम मंदिर जाएं और श्रद्धा के साथ माता सीता के चरणों में अर्पित करें। इसके बाद भगवान राम, माता सीता और हनुमान जी से शीघ्र विवाह की प्रार्थना करें। उनके अनुसार 21 मंगलवार तक यह उपाय करने पर 100% विवाह हो जाता है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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