उत्तर प्रदेश
एक घंटा पहले
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अगले साल यानी 2027 में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव को लेकर असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) ने अभी से तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी का इरादा प्रदेश की 200 सीटों पर चुनाव लड़ने का है। इसी कड़ी में पार्टी प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी रविवार 14 जून को उत्तर प्रदेश पहुंच रहे हैं। माना जा रहा है कि रविवार से ही ओवैसी राज्य में अपनी पार्टी के चुनाव प्रचार का आगाज करेंगे।
मटेरा सीट पर सपा का अटूट कब्जा
मिली जानकारी के अनुसार, ओवैसी रविवार को बहराइच के मटेरा क्षेत्र में एक जनसभा को संबोधित करेंगे। जिस मटेरा में यह रैली हो रही है, वहां से इस समय समाजवादी पार्टी की मारिया शाह विधायक हैं। यह सीट 2012 में अस्तित्व में आई थी और तभी से लगातार समाजवादी पार्टी के पास बनी हुई है। इसका मतलब यह है कि मटेरा विधानसभा सीट पर सपा को आज तक कोई हार नहीं मिली है।
बसपा से गठबंधन की मंशा
ओवैसी की पार्टी प्रदेश में मायावती की बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के साथ गठबंधन करने की इच्छुक बताई जा रही है।
यूपी में अब तक का चुनावी सफर
दरअसल, बिहार विधानसभा और महाराष्ट्र के निकाय चुनावों में मिली सफलता के बाद ओवैसी अब उत्तर प्रदेश में भी पूरे जोर-शोर से चुनाव लड़ने की तैयारी में जुटे हैं। हालांकि अब तक प्रदेश में एआईएमआईएम का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा है। ओवैसी ने 2017 के विधानसभा चुनाव में 38 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे, जिनमें से 37 पर जमानत जब्त हो गई थी। इसके बाद 2022 में पार्टी ने 96 सीटों पर चुनाव लड़ा, लेकिन उसे महज 0.43 फीसदी वोट ही हासिल हुए। हालांकि निकाय चुनावों में ओवैसी को कुछ हद तक कामयाबी जरूर मिली। 2017 के निकाय चुनावों में पार्टी ने 78 प्रत्याशी मैदान में उतारे थे, जिनमें से 29 ने जीत दर्ज की। वहीं 2023 के निकाय चुनावों में पार्टी ने पांच नगर पालिका परिषद सीटें जीतीं और साथ ही 75 पार्षद भी बनाए।
दौरे को लेकर सूबे की सियासत गरमाई
ऐसा माना जा रहा है कि ओवैसी बहराइच में सालार मसूद गाजी की दरगाह पर भी जा सकते हैं। उनके इस दौरे को लेकर राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है। योगी सरकार के मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने शौकत अली की ओर से महाराजा सुहेलदेव पर दिए गए बयान पर अपनी नाराजगी जाहिर की है।
एक्स हैंडल पर ओम प्रकाश राजभर ने लिखा, ''ओवैसी साहब, अब जब आप उत्तर प्रदेश आ ही रहे हैं तो अपनी हैदराबादी बैरिस्टरी का थोड़ा-बहुत ज्ञान अपने सिपहसालार को भी अवश्य दे दीजिएगा। बहराइच में सैयद सालार मसूद गाजी की मजार पर श्रद्धा व्यक्त करने से पहले उन्हें यह भी याद दिला दीजिएगा कि यही वह भूमि है जहां चक्रवर्ती राजभर जी ने विदेशी आक्रांताओं के विरुद्ध संघर्ष कर भारत की अस्मिता और स्वाभिमान की रक्षा की थी। अपने सिपहसालार को समझा दीजिएगा कि वह अपनी हैसियत और व्यक्तित्व के अनुरूप भाषा का प्रयोग करें। अनावश्यक उग्रता और अहंकार का प्रदर्शन इतिहास के पन्नों में कभी सम्मान नहीं दिलाता''।
बता दें कि उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव फरवरी-मार्च के दौरान कराए जा सकते हैं। चुनाव में अब एक साल से भी कम का समय शेष है। यही वजह है कि तमाम राजनीतिक दल अभी से पूरी तरह चुनावी मोड में आ चुके हैं।
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