राष्ट्रीय राजनीति
48 मिनट पहले
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विचारों
पटाखा उद्योग और रोजगार का समर्थन
दिवाली के दौरान पटाखों के इस्तेमाल को लेकर देश भर में अक्सर बहस देखने को मिलती है, लेकिन इस बार भाजपा नेता के. अन्नामलाई ने एक अलग रुख अपनाते हुए तमिलनाडु के निवासियों से बड़ी संख्या में पटाखे खरीदने और फोड़ने की अपील की है। उन्होंने इसके पीछे का मुख्य कारण शिवकाशी के पटाखा उद्योग को बताया है। के. अन्नामलाई के अनुसार, यह उद्योग लगभग 8 लाख लोगों की आजीविका का एकमात्र आधार है। दिवाली पर होने वाली पटाखों की बिक्री इन हजारों परिवारों के लिए आर्थिक सहयोग का सबसे बड़ा जरिया है।
प्रदूषण पर क्या बोले अन्नामलाई?
पर्यावरण और प्रदूषण को लेकर उठने वाली चिंताओं पर भी उन्होंने अपनी राय रखी है। के. अन्नामलाई ने माना कि प्रदूषण एक गंभीर मुद्दा है, लेकिन केवल पटाखों को ही इसके लिए पूरी तरह जिम्मेदार ठहराना और इस पूरे उद्योग पर अनुचित प्रतिबंध लगा देना तर्कसंगत नहीं है। उनका मानना है कि इस तरह के कड़े फैसलों का सीधा असर उन लाखों गरीब श्रमिकों पर पड़ता है जो अपनी रोजी-रोटी के लिए इस उद्योग पर निर्भर हैं।
क्यों अहम है यह बयान?
यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब देश के कई बड़े शहरों, विशेष रूप से दिल्ली और एनसीआर के क्षेत्रों में वायु प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ गया है। ऐसे में पटाखों के उपयोग पर अक्सर सख्त नियम लागू किए जाते हैं। के. अन्नामलाई की यह टिप्पणी स्पष्ट करती है कि वे पर्यावरण सुरक्षा और पारंपरिक त्योहारों के आर्थिक महत्व के बीच एक संतुलन बनाए रखने के पक्ष में हैं। उन्होंने समाज से आह्वान किया है कि वे इस त्योहार के दौरान स्थानीय कामगारों का समर्थन करें।
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