अमेठी के 13 ब्लॉकों में पहुंचेगी आरसेटी की टीम, गांव-गांव सिखाएगी रोजगार और बिजनेस के गुर उत्तर प्रदेश 49 मिनट पहले 1
आरसेटी की विशेषज्ञ टीम अमेठी के 13 विकासखंडों के हर गांव में जाकर लोगों को उनकी रुचि के मुताबिक बिजनेस का मुफ्त प्रशिक्षण देगी, जिससे वे कम लागत में अपना रोजगार शुरू कर सकें।

ग्रामीण इलाकों में अक्सर लोग अच्छे रोजगार की तलाश में रहते हैं और चाहते हैं कि उनका अपना कोई बिजनेस हो, जिससे अच्छी कमाई हो सके। लेकिन जागरूकता की कमी और सही मार्गदर्शन न मिल पाने के कारण कई लोग अपना खुद का काम शुरू नहीं कर पाते। अब अमेठी के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अपना रोजगार शुरू करने के लिए किसी महंगी ट्रेनिंग के लिए बड़े शहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। बिजनेस एक्सपर्ट की टीम खुद गांवों में पहुंचकर लोगों को सही सलाह और प्रशिक्षण देगी।

13 विकासखंडों में लगेंगे जागरूकता शिविर

आरसेटी की बिजनेस टीम अमेठी के 13 विकासखंडों के हर गांव में पहुंचकर लोगों को उनकी पसंद के अनुसार बिजनेस की सलाह देती है। इस दौरान जो भी व्यक्ति छोटे से लेकर बड़े स्तर तक का कोई रोजगार या बिजनेस शुरू करना चाहता है, उसे मुफ्त प्रशिक्षण के साथ-साथ बिजनेस में बरती जाने वाली सावधानियों और उसकी बारीकियों के बारे में सरलता से समझाया जाता है। इसका मकसद यह है कि लोग कम लागत में अपना अच्छा कारोबार खड़ा कर सकें और बेहतर आमदनी कमा सकें।

टीम उन्हीं कारोबारों के बारे में लोगों को सुझाव देती है, जिनकी मांग ग्रामीण क्षेत्रों में साल भर बनी रहती है, ताकि वह काम कम लागत में शुरू कराया जा सके। अमेठी में कई ऐसे उद्यमी हैं, जिन्होंने यह प्रशिक्षण लेकर आसानी से अपना कारोबार शुरू किया और अब अच्छी कमाई भी कर रहे हैं।

मनपसंद कारोबार शुरू करने का मौका

आरसेटी की बिजनेस एक्सपर्ट और डायरेक्टर पूजा लाख ने बातचीत में बताया कि ग्रामीण इलाकों में इस समय जो कारोबार साल भर चलते हैं, उनमें धूपबत्ती, अगरबत्ती और मोमबत्ती बनाने का काम शामिल है। इसके अलावा मशरूम की खेती, फास्ट फूड, अचार, चिप्स, पापड़ और मुरब्बा बनाने के साथ-साथ सॉफ्ट टॉय यानी खिलौने और गुलदस्ता तैयार करने का काम भी तेजी से चलता है।

उन्होंने बताया कि इन कारोबारों को 10 से 15 हजार रुपये में शुरू किया जा सकता है और इनसे महीने में 30 से 40 हजार रुपये तक की कमाई आसानी से हो सकती है। पूजा लाख के अनुसार, 18 वर्ष से 50 वर्ष तक के किसी भी बेरोजगार व्यक्ति को टीम गांव-गांव जाकर उसकी रुचि के आधार पर बिजनेस सिखाने का काम करती है और उसकी बारीकियां समझाती है, ताकि वह अपना रोजगार शुरू कर आगे बढ़ सके।

उन्होंने कहा कि आरसेटी का मुख्य काम बेरोजगारों को रोजगार से जोड़ना और उन्हें सेवायोजित करना है, और यह कार्य उनकी पसंद के कारोबार के आधार पर लगातार जारी रहता है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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