विश्व
एक घंटा पहले
2
विचारों
सुप्रीम कोर्ट से प्रशासन को बड़ी राहत
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को व्हाइट हाउस में निर्माणाधीन नए और भव्य बॉलरूम के मामले में सर्वोच्च अदालत से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए इस प्रोजेक्ट पर लगी निचली अदालतों की रोक को अस्थायी तौर पर हटा दिया है। मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स द्वारा जारी इस अंतरिम आदेश के बाद अब व्हाइट हाउस में निर्माण गतिविधियां बिना किसी बाधा के जारी रहेंगी। हालांकि, कोर्ट ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि यह बॉलरूम परियोजना पूरी तरह से कानूनी है या नहीं, लेकिन इस फैसले ने प्रशासन को निर्माण कार्य को आगे बढ़ाने का अधिकार दे दिया है। परियोजना की अंतिम कानूनी वैधता पर फैसला आना अभी बाकी है।
प्रोजेक्ट की वर्तमान स्थिति और रफ्तार
अदालत में पेश किए गए दस्तावेजों से पता चलता है कि 40 करोड़ डॉलर की लागत वाली यह निजी फंडिंग परियोजना अब अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रही है। रिकॉर्ड के अनुसार, 14 अगस्त तक इस पूरे प्रोजेक्ट का लगभग 65 प्रतिशत कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है। निर्माण की गति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि करीब 250 लोगों की एक समर्पित टीम दिन में 20 घंटे और सप्ताह के सातों दिन लगातार काम कर रही है। यह परियोजना व्हाइट हाउस के परिसर में एक प्रमुख विस्तार के तौर पर देखी जा रही है।
क्या था कानूनी विवाद
यह मामला तब सुर्खियों में आया जब सात अगस्त को वॉशिंगटन की एक फेडरल अपील्स कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा व्हाइट हाउस में नए बॉलरूम का निर्माण गैरकानूनी तरीके से किया जा रहा है। अमेरिकी कोर्ट ऑफ अपील्स फॉर द डिस्ट्रिक्ट ऑफ कोलंबिया सर्किट ने अपने उस आदेश पर 14 दिनों की रोक लगाई थी, ताकि ट्रंप प्रशासन को सर्वोच्च न्यायालय में अपील करने का पर्याप्त समय मिल सके। ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण के लिए काम करने वाली संस्था, नेशनल ट्रस्ट फॉर हिस्टोरिक प्रिजर्वेशन ने इस परियोजना के खिलाफ मोर्चा खोल रखा था। संस्था का आरोप था कि अक्टूबर 2025 में मात्र तीन दिनों के भीतर ट्रंप ने बिना किसी उचित सलाह प्रक्रिया के और कांग्रेस की आवश्यक अनुमति लिए बिना पूरे ईस्ट विंग को ढहा दिया था। विवाद का मुख्य बिंदु यह था कि यह 90,000 वर्ग फुट का विशाल बॉलरूम पूरी तरह निजी धन से बनाया जा रहा था, जिस पर कांग्रेस की किसी भी प्रकार की निगरानी नहीं थी।
ट्रंप का विजन और तर्क
व्हाइट हाउस के नवीनीकरण को लेकर राष्ट्रपति ट्रंप का नजरिया बिल्कुल स्पष्ट रहा है। बीते जुलाई महीने में ट्रंप ने इसे अमेरिका के पुनरुत्थान के एक बड़े प्रतीक के रूप में पेश किया था। उनका मानना है कि व्हाइट हाउस जैसी ऐतिहासिक इमारत में देश की ताकत, इतिहास और आत्मविश्वास की झलक मिलनी चाहिए। सात जुलाई को रोज गार्डन में अपने संबोधन के दौरान उन्होंने जोर देकर कहा था कि यह महज एक संरक्षण का कार्य नहीं है, बल्कि देश के भविष्य के लिए एक संदेश है। ट्रंप ने चीन के ग्रेट हॉल का उदाहरण देते हुए कहा था कि दुनिया की अन्य बड़ी शक्तियों के पास भव्य सुविधाएं हैं और अमेरिका को भी उनसे बेहतर बुनियादी ढांचे की जरूरत है। उन्होंने कहा था कि वे एक ऐसा बॉलरूम बना रहे हैं जो हर मामले में दुनिया में सबसे बेहतर होगा।
राजनीतिक गलियारों में हलचल
इस परियोजना को लेकर न केवल व्हाइट हाउस बल्कि कांग्रेस के भीतर भी मिश्रित प्रतिक्रियाएं देखी गई हैं। जहां राष्ट्रपति के कई सहयोगियों ने इस विस्तार का पुरजोर समर्थन किया है, वहीं कुछ रिपब्लिकन लॉमेकर्स ने भी इस प्रक्रिया को लेकर अपनी चिंताएं और आपत्तियां दर्ज कराई हैं। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट के इस नवीनतम फैसले के बाद अब फिलहाल निर्माण कार्य पर कोई कानूनी तलवार नहीं लटकी है। आने वाले समय में अदालत का अंतिम फैसला ही यह तय करेगा कि इस बॉलरूम का भविष्य क्या होगा, लेकिन फिलहाल व्हाइट हाउस का यह निर्माण कार्य पूरी गति से जारी रहने वाला है।
Comments
0 comment