होर्मुज टैक्स पर डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा यू-टर्न, खाड़ी देशों के साथ हुई डील से अमेरिका में आएगा निवेश का सैलाब विश्व एक महीने पहले 61
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर 20% सुरक्षा टैक्स लगाने के अपने फैसले को वापस ले लिया है। अब उन्होंने खाड़ी देशों से अमेरिका में भारी निवेश की मांग की है, जिससे देश में नौकरियों के नए अवसर पैदा होंगे।

होर्मुज टैक्स का प्रस्ताव और ट्रंप का यू-टर्न

पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक हालात में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अपने पिछले रुख में बड़ा बदलाव करते हुए 20% सुरक्षा टैक्स वसूलने के फैसले को पूरी तरह पलट दिया है। यह कदम उन्होंने महज 24 घंटे के भीतर ही उठाया है। हालांकि, इस फैसले को वापस लेने के साथ ही ट्रंप ने खाड़ी देशों के साथ एक नई रणनीतिक डील का खुलासा किया है, जो आने वाले समय में अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़े खजाने की तरह साबित हो सकती है।

टैक्स के बदले निवेश की नई रणनीति

ट्रंप ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल ट्रूथ सोशल पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि खाड़ी देशों के शीर्ष नेताओं के साथ हुई विस्तृत बातचीत के बाद उन्होंने सुरक्षा टैक्स न वसूलने का निर्णय लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे होर्मुज मार्ग पर किसी भी तरह का 20% शुल्क नहीं लगाएंगे। इसके बदले उन्होंने खाड़ी देशों के सामने अमेरिका में भारी-भरकम व्यापार और निवेश करने का प्रस्ताव रखा है। ट्रंप के अनुसार, यह निवेश इतना विशाल होगा कि इसकी कल्पना करना भी मुश्किल है। उन्होंने दावा किया कि यह न केवल अमेरिका के लिए, बल्कि खाड़ी देशों के भविष्य के लिए भी एक ऐतिहासिक कदम साबित होगा।

अमेरिका में नौकरियों की बहार

निवेश के इस नए सौदे को लेकर ट्रंप काफी उत्साहित नजर आ रहे हैं। उनका मानना है कि अब अमेरिका में फैक्ट्रियों, आधुनिक प्लांट्स और मशीनों की बाढ़ आने वाली है। ट्रंप ने कहा कि इतिहास में किसी भी अन्य देश ने अमेरिका में इतना अधिक निवेश नहीं किया है, जितना आज उनके पास है। ये नए सौदे उस निवेश के आंकड़े को और भी अधिक ऊंचाई पर ले जाएंगे। इस आर्थिक गतिविधि का सीधा असर आम अमेरिकी नागरिकों पर पड़ेगा, क्योंकि इससे लाखों की संख्या में उच्च वेतन वाली नई नौकरियां पैदा होंगी।

ईरान पर कड़ा रुख और नाकेबंदी

एक तरफ जहां ट्रंप ने खाड़ी देशों के साथ आर्थिक रिश्तों को नई मजबूती देने की बात कही है, वहीं दूसरी ओर उन्होंने ईरान के प्रति अपने कड़े तेवर बरकरार रखे हैं। उन्होंने घोषणा की है कि ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी सेना ने दोबारा से सख्त नाकेबंदी लागू कर दी है। ट्रंप ने ईरान के मौजूदा नेतृत्व पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उनके हिंसक और गलत फैसलों के कारण देश बर्बादी की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार नहीं बना पाएगा।

समुद्री सुरक्षा और भविष्य का रास्ता

अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी स्पष्ट किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य से अन्य देशों के जहाजों का आवागमन पूरी तरह सामान्य है और वहां तेल की आपूर्ति पहले की तुलना में काफी सुचारू रूप से चल रही है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी नौसेना की ताकत की बदौलत समंदर में सुरक्षा सुनिश्चित की गई है, बस ईरान के लिए यह रास्ता पूरी तरह बंद कर दिया गया है। ट्रंप ने कहा कि जो भी जहाज ईरान से आ रहे हैं या जो ईरान का माल ढो रहे हैं, उन सभी की पूरी तरह से नाकाबंदी कर दी जाएगी। उन्होंने ईरान के उन दिनों का जिक्र किया जब वहां कथित तौर पर 52,000 प्रदर्शनकारियों की जान गई थी, और कहा कि ईरान के वे दिन अब पूरी तरह हवा हो चुके हैं।

करण मल्होत्रा पाबना के अंतरराष्ट्रीय संवाददाता हैं, जो अमेरिका, यूरोप और एशिया की खबरें रिपोर्ट करते हैं। वैश्विक राजनीति, अर्थव्यवस्था और बड़े अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर वे नजर रखते हैं। उनकी रिपोर्ट्स दुनिया की हलचल को पाठकों तक तेजी से पहुंचाती हैं।

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