अमेरिका: ग्रैंड कैन्यन में घूमने निकलीं 3 महिलाएं, अचानक आई बाढ़ और 5 घंटे तक चट्टान से चिपकी रहीं जान विश्व एक घंटा पहले 3
अमेरिका के ग्रैंड कैन्यन में ट्रैकिंग करने गईं तीन सहेलियां अचानक आई बाढ़ में फंस गईं, जिसके बाद उन्होंने चट्टान से चिपक कर करीब पांच घंटे तक मौत को मात दी।

ग्रैंड कैन्यन में मौत से सामना

अमेरिका के विश्व प्रसिद्ध ग्रैंड कैन्यन में एक सामान्य हाइकिंग ट्रिप पलक झपकते ही जिंदगी और मौत के खौफनाक संघर्ष में बदल गई। तीन महिलाएं, जो सुकून भरे दिन की तलाश में वहां घूमने निकली थीं, उन्हें कल्पना भी नहीं थी कि प्रकृति का रौद्र रूप उन्हें किसी कठिन परीक्षा में डाल देगा। अचानक आए मौसम के बदलाव के बाद मची तबाही ने उन्हें एक चट्टान के सहारे घंटों तक लटकने पर मजबूर कर दिया। यह घटना उस समय की है जब जेसिका बुशर और मेलानी मैकगर्क अपनी दोस्त केटी ब्रिंक के साथ वहां मौजूद थीं।

मौसम का अचानक बदला मिजाज

शनिवार की दोपहर को लगभग 2:30 बजे का समय था, जब ये तीनों सहेलियां अपने ट्रैक पर आगे बढ़ रही थीं। तभी अचानक आसमान में मानसून के तूफानी बादल घिर आए और देखते ही देखते मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। इस बारिश के साथ तेज हवाओं और ओलों ने स्थिति को और भी गंभीर बना दिया। पल भर में ही वहां का शांत वातावरण बदल गया और रास्तों ने उफनती नदियों का रूप ले लिया। चारों तरफ कीचड़, मलबा और चट्टानों के खिसकने का सिलसिला शुरू हो गया, जिससे बचने के लिए तीनों महिलाओं को सुरक्षित स्थान ढूंढना पड़ा। अंततः, अपनी जान बचाने के लिए उन्होंने एक ऊंची चट्टान की आड़ ली।

चट्टान पर टिकीं सांसें

केटी ब्रिंक के लिए स्थिति सबसे अधिक चुनौतीपूर्ण रही। उन्होंने बताया कि उस गीली और फिसलन भरी चट्टान पर पकड़ बनाए रखना उनके लिए बहुत मुश्किल था। वे केवल अपनी उंगलियों के सहारे उस चट्टान से चिपकी रहीं, जबकि नीचे मटमैला पानी उफान मार रहा था। मेलानी मैकगर्क ने इस मंजर को याद करते हुए बताया कि पहाड़ों से नीचे गिरते विशाल पत्थरों की आवाज से पूरी जमीन थरथरा रही थी। सबसे अधिक दुखद स्थिति तब बनी जब बढ़ते जलस्तर और धुंध के कारण तीनों महिलाएं एक-दूसरे की नजरों से ओझल हो गईं। लगभग 20 मिनट तक जेसिका और मेलानी को यही लगा कि केटी बाढ़ में बह चुकी है, और ठीक यही खौफ केटी के मन में भी था कि उसने अपनी दोनों सहेलियों को हमेशा के लिए खो दिया है। राहत तब मिली जब रास्ते के एक मोड़ पर उनकी नजरें फिर से एक-दूसरे पर पड़ीं।

रेस्क्यू ऑपरेशन और जीत

करीब 5 घंटे तक तीनों महिलाएं ठंड, कीचड़ और डर के साए में उस चट्टान से चिपकी रहीं। इस बीच वे मदद का इंतजार करती रहीं। तभी उन्हें आसमान में रेस्क्यू हेलीकॉप्टर की आवाज सुनाई दी। पहली बार हेलीकॉप्टर उन्हें देखे बिना आगे बढ़ गया, जिससे उनकी चिंताएं और बढ़ गईं। हालांकि, करीब 45 मिनट के इंतजार के बाद हेलीकॉप्टर वापस लौटा और रेस्क्यू टीम ने तत्परता दिखाते हुए तीनों महिलाओं को सुरक्षित हवा में ऊपर खींच लिया।

ग्रैंड कैन्यन में तबाही के निशान

यह घटना केवल इन तीन महिलाओं की हिम्मत की कहानी नहीं थी, बल्कि उस दिन पूरे ग्रैंड कैन्यन में बड़े पैमाने पर तबाही हुई थी। 29 अगस्त को आई इस अचानक बाढ़ ने कई पगडंडियों और पैदल पार करने वाले पुलों को पूरी तरह नष्ट कर दिया। इसके अलावा, पार्क में पानी की आपूर्ति करने वाली मुख्य पाइपलाइन भी इस प्राकृतिक आपदा की चपेट में आने के कारण बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। यह पूरा अनुभव उन तीनों महिलाओं के लिए जीवन भर का सबसे बड़ा सबक बन गया है।

करण मल्होत्रा पाबना के अंतरराष्ट्रीय संवाददाता हैं, जो अमेरिका, यूरोप और एशिया की खबरें रिपोर्ट करते हैं। वैश्विक राजनीति, अर्थव्यवस्था और बड़े अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर वे नजर रखते हैं। उनकी रिपोर्ट्स दुनिया की हलचल को पाठकों तक तेजी से पहुंचाती हैं।

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