कैलिफोर्निया में हरिकेन मैरी का खौफ: 144 किमी की रफ्तार से उठीं लहरों में बहे घर और गाड़ियां विश्व एक घंटा पहले 5
प्रशांत महासागर में आए शक्तिशाली हरिकेन मैरी ने तटीय इलाकों में भारी तबाही मचाई है, जहां 144 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं और ऊंची लहरों ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है।

समुद्र का विकराल रूप और तबाही का मंजर

प्रशांत महासागर में उठे शक्तिशाली समुद्री तूफान 'हरिकेन मैरी' ने तटीय इलाकों में भारी तबाही मचा दी है। करीब 144 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आए इस तूफान ने न केवल तटीय संरचनाओं को नुकसान पहुंचाया है, बल्कि कई रिहायशी इलाकों में पानी घुसने से स्थिति गंभीर हो गई है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में समुद्र की ताकत का खौफनाक नजारा साफ दिखाई दे रहा है। लहरें इतनी शक्तिशाली हैं कि वे गाड़ियों को खिलौने की तरह बहाकर ले जा रही हैं और किनारे पर खड़े भारी-भरकम पेड़ भी इस दबाव को झेल नहीं पा रहे हैं। यह तबाही कैलिफोर्निया के लागुना बीच के आसपास के इलाकों में देखी गई है, जहां प्रकृति के इस रौद्र रूप ने स्थानीय लोगों में दहशत पैदा कर दी है।

तूफान की वर्तमान स्थिति और दिशा

ईस्टर्न पैसिफिक में सक्रिय हरिकेन मैरी लगातार चिंता का कारण बना हुआ है। शुक्रवार सुबह मिली जानकारी के अनुसार, यह कैटेगरी-2 का तूफान था, जिसकी गति लगभग 90 मील प्रति घंटे यानी 144 किलोमीटर प्रति घंटे तक दर्ज की गई थी। उस समय यह तूफान दक्षिणी बाजा कैलिफोर्निया के सिरे से करीब 550 मील यानी 885 किलोमीटर की दूरी पर स्थित था। वर्तमान में यह तूफान पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है। मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि आने वाले दिनों में इसकी दिशा में बदलाव आ सकता है और यह उत्तर-पश्चिम की ओर मुड़ सकता है।

ऊंची लहरों से जानलेवा खतरा

हरिकेन मैरी के कारण समुद्र में उठने वाली तेज लहरें और स्वेल दक्षिण-पश्चिमी मेक्सिको से लेकर बाजा कैलिफोर्निया के तटों को बुरी तरह प्रभावित कर रहे हैं। नेशनल हरिकेन सेंटर के अनुसार, यह खतरा यहीं तक सीमित नहीं है, बल्कि मैरी के कारण उठने वाली खतरनाक समुद्री लहरें वीकेंड तक दक्षिणी कैलिफोर्निया के तटों तक पहुंच सकती हैं। इन इलाकों में अगले कई दिनों तक रिप करंट और बेहद ऊंची लहरों के कारण जानलेवा स्थिति बनी रहने की आशंका जताई गई है।

जून से अब तक तीन लोगों की मौत

लागुना बीच पर समुद्र की लहरें पहले से ही जानलेवा साबित हो रही हैं। रिपोर्ट के अनुसार, इस गर्मी के सीजन में जून से अब तक यहां समुद्र की चपेट में आने से तीन लोगों की मौत हो चुकी है। ऑरेंज काउंटी के कई अन्य समुद्री तटों पर भी स्थिति काफी नाजुक बनी हुई है। लाइफगार्ड्स के लिए यह समय बेहद चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि उन्हें लगातार लोगों को चेतावनी देने और समुद्र में फंसे लोगों को बचाने के लिए बार-बार उतरना पड़ रहा है। एलिसो बीच जैसे इलाकों को प्रशासन ने विशेष रूप से खतरनाक घोषित किया है।

तटों पर सावधानी बरतने की सलाह

लागुना बीच के मरीन सेफ्टी चीफ काई बॉन्ड ने चेतावनी दी है कि समुद्र के किनारे हर समय सुरक्षित नहीं होते हैं। उन्होंने आम लोगों से अपील की है कि वे अपने आसपास के माहौल के प्रति सतर्क रहें। विशेष रूप से मोबाइल फोन में व्यस्त होकर समुद्र के बहुत करीब जाना जान जोखिम में डालने जैसा है। प्रशासन का कहना है कि लोग समुद्र के किनारे टहलते समय सावधानी बरतें और समुद्र की बदलती स्थितियों को नजरअंदाज न करें।

बाढ़ के खतरे से निपटने की तैयारी

आने वाले वीकेंड में संभावित बारिश और समुद्र की बड़ी लहरों के कारण तटीय इलाकों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो सकते हैं। इस खतरे को भांपते हुए स्थानीय प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। कई शहरों में सैंडबैग यानी रेत की बोरियों की व्यवस्था की गई है ताकि पानी को रोका जा सके। न्यू पोर्ट बीच में लोगों के लिए सैंडबैग उपलब्ध कराए गए हैं, जबकि सील बीच में फायर स्टेशनों के पास रेत का स्टॉक रखा गया है। इसके अलावा, सील बीच में सैन गैब्रियल नदी के पास समुद्र की लहरों के प्रभाव को कम करने के लिए रेत की एक ऊंची पट्टी यानी बर्म बनाने का कार्य भी शुरू किया गया है।

पुलिस और लाइफगार्ड की सीधी चेतावनी

अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि यदि समुद्र की लहरें पूर्वानुमान से अधिक खतरनाक होती हैं, तो तट के कुछ हिस्सों को पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। सील बीच पुलिस ने निवासियों से आग्रह किया है कि वे मौसम विभाग की अपडेट और समुद्र की स्थिति की जानकारी लेकर ही बीच पर जाएं। प्रशासन का कहना है कि बीच खुले हो सकते हैं, लेकिन लोगों को समुद्र से सुरक्षित दूरी बनाए रखनी चाहिए और लाइफगार्ड्स द्वारा दिए जा रहे संकेतों का पालन करना चाहिए। लागुना बीच पर पीला या खतरनाक लाल झंडा लगाने जैसे सुरक्षा नियम लागू किए गए हैं, जिनका उद्देश्य तैराकों और पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

करण मल्होत्रा पाबना के अंतरराष्ट्रीय संवाददाता हैं, जो अमेरिका, यूरोप और एशिया की खबरें रिपोर्ट करते हैं। वैश्विक राजनीति, अर्थव्यवस्था और बड़े अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर वे नजर रखते हैं। उनकी रिपोर्ट्स दुनिया की हलचल को पाठकों तक तेजी से पहुंचाती हैं।

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