न्यूयॉर्क में पिज्जा डिलीवरी करने निकले गुरदीप की गोली मारकर हत्या, 9 सालों से घर नहीं लौटा था बेटा विश्व 8 घंटे पहले 8
अमेरिका के न्यूयॉर्क में पिज्जा डिलीवरी के दौरान पंजाब के रहने वाले गुरदीप सिंह की अज्ञात हमलावर ने गोली मारकर हत्या कर दी। इस घटना ने भारतीय समुदाय को झकझोर कर रख दिया है, वहीं कुछ दिन पहले टेनेसी में भी एक भारतीय कारोबारी की जान गई थी।

अमेरिका में भारतीय नागरिकों पर बढ़ते हमले

अमेरिका में भारतीय मूल के लोगों को निशाना बनाए जाने की घटनाओं ने एक बार फिर खौफ का माहौल पैदा कर दिया है। हाल ही में न्यूयॉर्क और टेनेसी में हुई दो अलग-अलग हिंसक घटनाओं में दो भारतीय नागरिकों की जान चली गई है, जिससे वहां बसे भारतीय समुदाय में भारी रोष और चिंता देखी जा रही है। इन दुखद घटनाओं ने प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

न्यूयॉर्क में गुरदीप सिंह की दर्दनाक हत्या

पंजाब के कपूरथला जिले के जाबोवाल गांव का रहने वाला 28 वर्षीय युवक गुरदीप सिंह न्यूयॉर्क के ब्रुकलिन इलाके में पिज्जा डिलीवरी का काम करता था। एक सामान्य दिन की तरह जब वह डिलीवरी के लिए निकला था, तभी एक अज्ञात हमलावर ने उसे अपनी गोलियों का निशाना बना लिया। इस हमले में गुरदीप की मौके पर ही मौत हो गई। प्रारंभिक जांच और पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, इस हत्या के पीछे लूटपाट की कोशिश होने का संदेह जताया जा रहा है।

डंकी रूट से अमेरिका पहुंचा था गुरदीप

गुरदीप के परिवार ने बताया कि वह साल 2017 में अमेरिका पहुंचा था। उसने विदेश जाने के लिए डंकी रूट का रास्ता चुना था, जो कि अक्सर अवैध तरीके से विकसित देशों में प्रवेश करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। अमेरिका पहुंचने के बाद गुरदीप ने अपनी आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए कड़ा संघर्ष किया। वह न्यूयॉर्क में डिलीवरी पार्टनर के तौर पर काम में जुटा था और उसके पास वैध वर्क परमिट भी मौजूद था। उसके पिता प्यारा लाल के अनुसार, बेटे ने बेहतर भविष्य के सपने संजोए थे और अमेरिका जाने के लिए काफी कर्ज भी लिया था, जिसे उतारने के लिए वह दिन-रात मेहनत कर रहा था। गुरदीप पिछले 9 वर्षों से अपने घर वापस नहीं आया था।

पंजाबी एसोसिएशन की कड़ी प्रतिक्रिया

इस घटना के बाद अमेरिका की पंजाबी एसोसिएशन ने गहरी चिंता व्यक्त की है। संगठन का कहना है कि इस हत्या को महज एक सामान्य आपराधिक घटना मानकर नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। एसोसिएशन के मुताबिक, हर बार जब ऐसी किसी युवा की हत्या होती है, तो पीछे एक पूरा परिवार उजड़ जाता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि वहां बढ़ रही हिंसा को आम बात नहीं होने दिया जा सकता। एनएपीए ने अमेरिकी पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच करने और हत्या के वास्तविक कारणों को सामने लाने की पुरजोर मांग की है। साथ ही उन्होंने सभी से अपील की है कि जांच पूरी होने से पहले किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से परहेज किया जाए।

टेनेसी में भी एक भारतीय कारोबारी की जान गई

गुरदीप सिंह की हत्या से ठीक कुछ दिन पहले, टेनेसी प्रांत में भी एक और भारतीय नागरिक की हत्या का मामला सामने आया था। जैक्सन शहर में 62 वर्षीय गुजराती कारोबारी सुरेश पारसोटमदास पटेल की उनकी अपनी दुकान के अंदर गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना के वक्त उनकी 19 साल की बेटी भी वहीं मौजूद थी। खबरों के अनुसार, 20 अगस्त को एक नकाबपोश हमलावर ने दुकान में घुसकर पहले नकदी लूटी और फिर सुरेश पटेल को गोली मार दी, जिससे उनकी तत्काल मृत्यु हो गई। सुरेश पटेल गुजरात के मेहसाणा जिले के आखाज गांव के रहने वाले थे और लगभग 30 साल से अमेरिका में रह रहे थे। दुखद बात यह है कि उन्होंने घटना से केवल एक सप्ताह पहले ही जैक्सन में अपना नया कारोबार शुरू किया था।

करण मल्होत्रा पाबना के अंतरराष्ट्रीय संवाददाता हैं, जो अमेरिका, यूरोप और एशिया की खबरें रिपोर्ट करते हैं। वैश्विक राजनीति, अर्थव्यवस्था और बड़े अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर वे नजर रखते हैं। उनकी रिपोर्ट्स दुनिया की हलचल को पाठकों तक तेजी से पहुंचाती हैं।

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