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एक महीने पहले
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अमेरिकी जांच एजेंसी का बड़ा एक्शन
लॉरेंस बिश्नोई गैंग के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय जांच एजेंसियों की सख्ती के बाद अब एक और भारतीय गैंगस्टर सिंडिकेट अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों की रडार पर आ गया है। पंजाब के कुख्यात गैंगस्टर और ड्रग माफिया जग्गू भगवानपुरिया के गिरोह पर फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन यानी एफबीआई ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उसके एक खूंखार गुर्गे को गिरफ्तार कर लिया है। एफबीआई ने एक बेहद गोपनीय ऑपरेशन को अंजाम देते हुए मोस्ट वांटेड अपराधी नीतीश कौशल को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। कैलिफोर्निया और लॉस एंजिलिस में फैले इस गिरोह के नेटवर्क पर यह अब तक की सबसे बड़ी चोट मानी जा रही है। नीतीश कौशल की गिरफ्तारी इस बात का संकेत है कि अब विदेशी धरती पर बैठकर भारत और अमेरिका की सुरक्षा को चुनौती देने वाले अपराधी सुरक्षित नहीं हैं।
कैलिफोर्निया से चल रहा था अपराध का नेटवर्क
अमेरिकी जांच एजेंसियों द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार नीतीश कौशल जग्गू भगवानपुरिया के संगठित अपराध गिरोह का एक मुख्य स्तंभ था। यह गिरोह मूल रूप से पंजाब से संचालित होता है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में इसने अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य समेत दुनिया के कई हिस्सों में अपना पैर पसार लिया था। एफबीआई की रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया गया है कि यह अंतरराष्ट्रीय गिरोह किन-किन संगीन अपराधों में लिप्त था। इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
- हत्या और टारगेट किलिंग की साजिशें
- बड़े पैमाने पर मादक पदार्थों यानी ड्रग्स की तस्करी
- व्यापारियों से जबरन वसूली करना
- लोगों का अपहरण करना
- हथियारों की अवैध सप्लाई का कारोबार
- मनी लॉन्ड्रिंग और मानव तस्करी जैसे गंभीर अपराध
इस गिरोह ने कैलिफोर्निया की सड़कों से लेकर लॉस एंजिलिस तक अपना खूनी साम्राज्य फैला रखा था, जिसे अब एफबीआई पूरी तरह से खत्म करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
RICO कानून के तहत कसा गया शिकंजा
नीतीश कौशल पर आरोप है कि उसने भगवानपुरिया गैंग के इशारे पर अमेरिकी धरती पर कई हिंसक वारदातों को अंजाम दिया और खतरनाक साजिशें रचीं। जांचकर्ताओं के मुताबिक, अमेरिका में हुई कई अपहरण की घटनाओं और जानलेवा हमलों में उसकी सीधी भूमिका रही है। उसकी बढ़ती आपराधिक सक्रियता को देखते हुए 25 जून 2026 को लॉस एंजिलिस की संघीय अदालत ने उसके खिलाफ सख्त रुख अपनाया। सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट ऑफ कैलिफोर्निया की अदालत ने नीतीश कौशल के खिलाफ 'रैकेटियर इन्फ्लुएंस्ड एंड करप्ट ऑर्गनाइजेशन' यानी RICO कॉन्सपिरेसी के तहत गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। इसी कानूनी वारंट के आधार पर एफबीआई ने गुप्त रूप से जाल बिछाकर उसे धर दबोचा।
अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट के लिए बड़ा झटका
पिछले कुछ समय से विदेशी धरती से भारतीय गैंगस्टरों का संचालित हो रहा अपराध वैश्विक एजेंसियों के लिए सिरदर्द बन गया था। पंजाब के जग्गू भगवानपुरिया जैसे गैंग अब स्थानीय स्तर से ऊपर उठकर एक अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट का रूप ले चुके हैं। ये अपराधी विदेशों में बैठकर भारत में हत्याएं करवा रहे हैं और जबरन वसूली का धंधा चला रहे हैं। नीतीश कौशल की गिरफ्तारी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अमेरिकी एजेंसियां अब इन गिरोहों के खिलाफ बेहद आक्रामक नीति अपना रही हैं। वर्तमान में एफबीआई की टीम नीतीश कौशल से कड़ी पूछताछ कर रही है। इस पूछताछ का मुख्य उद्देश्य अमेरिका और कैलिफोर्निया में सक्रिय जग्गू भगवानपुरिया गैंग के अन्य गुर्गों की पहचान करना है। साथ ही, जांच एजेंसी इस गिरोह के फंडिंग नेटवर्क को भी जड़ से उखाड़ फेंकने की कोशिश कर रही है ताकि भविष्य में इस तरह के अपराधों पर अंकुश लगाया जा सके।
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