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2 घंटे पहले
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ईरान पर ट्रंप का तीखा प्रहार
अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे ताजा सैन्य संघर्ष के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने एक बेहद आक्रामक बयान देकर पूरी दुनिया को चौंका दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने साफ कर दिया है कि भविष्य में ईरान पर जो भी हमला होगा, वह इतना विनाशकारी होगा कि उसके बाद इस देश में कुछ भी शेष नहीं बचेगा। ट्रंप ने यह दावा भी किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर अब वाशिंगटन का पूर्ण नियंत्रण स्थापित हो चुका है और ईरान की अर्थव्यवस्था पतन के कगार पर खड़ी है।
सैन्य दबाव को प्राथमिकता
मौजूदा स्थिति को देखते हुए यह स्पष्ट है कि डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में वाशिंगटन अब किसी भी प्रकार के कूटनीतिक समझौते के मूड में नहीं है। हालिया हवाई हमलों के माध्यम से अमेरिका ने यह संकेत दे दिया है कि वह बातचीत की मेज पर लौटने के बजाय सैन्य शक्ति के प्रयोग को अधिक महत्व दे रहा है। ट्रंप का मानना है कि वर्तमान परिस्थितियां पूरी तरह से अमेरिका के अनुकूल हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि वाशिंगटन का ध्यान ईरान को बातचीत के लिए मनाने पर नहीं, बल्कि उसे सैन्य और आर्थिक रूप से कमजोर करने पर है।
हवाई हमलों का सिलसिला
मंगलवार को अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ईरान में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के ठिकानों को अपना निशाना बनाया। इन हवाई हमलों में बंदर अब्बास, सिरिक और केश्म द्वीप जैसे प्रमुख इलाके शामिल थे, जहां जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं। ट्रंप ने इन कार्रवाइयों को अत्यंत शक्तिशाली बताते हुए ईरान को चेतावनी दी है कि यदि तेहरान ने इसका कोई भी जवाब देने की कोशिश की, तो अगले हमले का स्तर और भी भयानक होगा। उनके शब्दों में, अगला हमला सबसे बड़ा होगा जिसके परिणामस्वरूप इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान का एक बड़ा हिस्सा पूरी तरह बर्बाद हो जाएगा।
रडार नेटवर्क और रणनीतिक तबाही
ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई ने ईरान के रडार नेटवर्क को भारी क्षति पहुंचाई है। इसमें वे रडार सिस्टम भी शामिल हैं जिन्हें ईरान द्वारा फिर से खड़ा करने की कवायद की जा रही थी। अमेरिका का यह कदम होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यापारिक जहाजों पर हुए हमलों और क्षेत्र में अमेरिकी सैनिकों के विरुद्ध ईरानी गतिविधियों की प्रतिक्रिया के रूप में देखा जा रहा है। राष्ट्रपति ट्रंप ने यह तक कह दिया है कि अगर उन्हें तीसरी बार ऐसी कार्रवाई करनी पड़ी, तो एक राष्ट्र के रूप में ईरान का पूरी तरह सफाया हो सकता है। फिलहाल खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस जॉर्ज वॉशिंगटन पूरी तरह से सक्रिय और युद्ध के लिए तैयार है। इस अभियान की जानकारी खाड़ी के सहयोगी देशों को पहले ही दे दी गई थी।
ऊर्जा सुरक्षा और भविष्य का संघर्ष
ईरान ने जवाबी कार्रवाई में क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों की ओर मिसाइलें दागी हैं। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की ओर से यह चेतावनी दी गई है कि अमेरिका को इन हमलों के गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले दो तेल टैंकरों पर हुए संदिग्ध हमलों ने अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा मार्ग की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इन तमाम घटनाक्रमों के बीच ट्रंप का रुख अडिग है। वे किसी भी निरर्थक समझौते में रुचि नहीं रखते। इसके विपरीत, वे आर्थिक दबाव के माध्यम से ईरानी जनता को सरकार के खिलाफ खड़ा करने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। पूर्ण सैन्य वर्चस्व, रडार सिस्टम का विनाश और विनाशकारी हमलों की चेतावनी यह दर्शाती है कि अमेरिका युद्ध को एक निर्णायक दौर में ले जा रहा है, जिसका उद्देश्य ईरान की सैन्य और आर्थिक कमर तोड़ना है।
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