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एक घंटा पहले
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अदालत का कड़ा रुख और स्मारक परियोजना पर रोक
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए मौजूदा समय काफी चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। एक तरफ उन्हें चुनावों में हार का सामना करना पड़ा है, तो दूसरी तरफ अब उन्हें न्यायिक मोर्चे पर भी बड़ा झटका लगा है। वाशिंगटन में उनके महत्वाकांक्षी 250 फीट ऊंचे विजय स्मारक बनाने के प्रस्ताव पर जज तान्या चुटकन ने फिलहाल रोक लगा दी है। अदालत के आदेशानुसार, सरकार अगले 14 दिनों तक इस परियोजना से जुड़ी किसी भी प्रकार की निर्माण गतिविधि को आगे नहीं बढ़ा सकेगी। जज ने स्पष्ट किया है कि वे इस फैसले के पीछे के विस्तृत कानूनी कारणों को अपने आगामी आदेश में स्पष्ट करेंगी।
विवादित स्मारक और कानूनी पेंच
यह रोक ऐसे समय में लगाई गई है जब नेशनल कैपिटल प्लानिंग कमीशन ने 8-4 के बहुमत से इस विवादास्पद परियोजना को मंजूरी दे दी थी। हालांकि, इस परियोजना को लेकर भारी जनआक्रोश भी देखने को मिला था और बैठक के दौरान करीब 100 लोगों ने इसका खुलकर विरोध किया था, जिसमें डेमोक्रेटिक पार्टी के कई सांसद भी शामिल थे। ट्रंप प्रशासन का मुख्य तर्क यह था कि अमेरिकी कांग्रेस ने 100 साल से भी अधिक समय पहले पोटोमैक नदी पर एक पुल बनाने की अनुमति दी थी, और उसी कानून के तहत उन्हें इस स्मारक को बनाने का अधिकार मिलता है।
हालांकि, जज चुटकन ने प्रशासन के इस तर्क को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने अपने आदेश में कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि यह विश्वास करना कठिन है कि इतने पुराने कानून में वाशिंगटन के किसी प्रमुख स्थान पर 250 फीट ऊंचा ढांचा खड़ा करने का अधिकार छिपा था, जिसका उपयोग आज तक किसी भी पूर्व प्रशासन ने नहीं किया था।
आम जनता की परेशानी और निर्माण का समय
अदालत ने इस परियोजना के कारण सामान्य नागरिकों को होने वाली संभावित समस्याओं को भी प्राथमिकता दी है। जज के अनुसार, निर्माण प्रक्रिया के दौरान करीब तीन साल तक क्षेत्र का ट्रैफिक बुरी तरह प्रभावित हो सकता है। खुदाई के काम, शोर-शराबे और भारी निर्माण गतिविधियों के कारण आसपास के निवासियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ेगा।
अमेरिकी न्याय विभाग ने पहले यह अनुमान जताया था कि यदि अनुमति मिलती है, तो नींव रखने और खुदाई का कार्य छह से आठ महीने तक चल सकता है। काम को गुरुवार से शुरू करने की योजना थी और उसके बाद मई 2027 से जमीन के ऊपर निर्माण कार्य शुरू किया जाना था। इस पूरी परियोजना को पूरा करने के लिए 33 से 39 महीने का समय निर्धारित किया गया था।
ट्रंप के दांव और स्मारक का डिजाइन
डोनाल्ड ट्रंप इस विजय मेहराब को अमेरिकी सैन्य शक्ति और सौंदर्य का प्रतीक बनाना चाहते हैं। सोमवार को लिंकन मेमोरियल रिफ्लेक्टिंग पूल में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने दावा किया था कि यह स्मारक सैन्य दृष्टिकोण से भी काफी महत्वपूर्ण और उपयोगी साबित होगा। उन्होंने यह भी सुझाव दिया था कि इस मेहराब में भविष्य में ड्रोन और स्नाइपर तैनात करने के लिए विशेष स्थान भी बनाए जा सकते हैं।
यह मेहराब पोटोमैक नदी के दूसरी तरफ, लिंकन मेमोरियल के ठीक सामने एक हाईवे गोलचक्कर के निकट प्रस्तावित है, जो अर्लिंग्टन नेशनल सेमेट्री के प्रवेश द्वार के बेहद करीब है। इसका प्रस्तावित डिजाइन पेरिस की विश्व प्रसिद्ध 'आर्क डी ट्रायम्फ' से प्रेरित है, लेकिन ट्रंप की योजना के अनुसार, यह उससे भी करीब 80 फीट अधिक ऊंचा होगा।
ब्राजील के राष्ट्रपति का कटाक्ष
चुनावी हार और अदालती रोक के बीच, ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने भी ट्रंप पर जोरदार तंज कसा है। उन्होंने ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति के बेटे फ्लावियो बोल्सोनारो को आड़े हाथों लेते हुए उन्हें 'पनौती' करार दिया। लूला दा सिल्वा ने कहा कि जैसे ही फ्लावियो अमेरिका पहुंचे, ट्रंप चुनाव हार गए। गौरतलब है कि हाल ही में ब्राजील के चुनाव में फ्लावियो और लूला मुख्य प्रतिद्वंद्वी थे। चुनाव में पराजय के बाद फ्लावियो ने ब्राजील छोड़कर अमेरिका में शरण ली है, जहां ट्रंप ने उन्हें अपनी सुविधानुसार रहने की अनुमति भी दी थी।
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