व्हाइट हाउस में डिप्लोमेसी का महामंथन: ट्रंप ने जेलेंस्की, नेतन्याहू और लेबनानी राष्ट्रपति के साथ की अहम बैठक विश्व 2 घंटे पहले 3
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक ही दिन में यूक्रेन, इजरायल और लेबनान के नेताओं से मुलाकात कर वैश्विक तनाव को कम करने की दिशा में चर्चा की है। इस दौरान रूस-यूक्रेन युद्ध से लेकर ईरान के परमाणु ठिकानों और लेबनान-इजरायल सीमा विवाद तक के मुद्दों पर विस्तार से बातचीत हुई।

व्हाइट हाउस में एक दिन, तीन बड़े वैश्विक नेता

मंगलवार का दिन अमेरिकी राजनीति और कूटनीति के लिहाज से बेहद व्यस्त रहा। व्हाइट हाउस में अंतरराष्ट्रीय नेताओं का तांता लगा रहा और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तीन प्रमुख देशों के राष्ट्राध्यक्षों के साथ अलग-अलग दौर की बैठकें की। ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन से मुलाकात कर वर्तमान में चल रहे युद्ध और क्षेत्रीय तनाव को लेकर कड़े मंथन किए। इन मुलाकातों का मुख्य केंद्र रूस-यूक्रेन संघर्ष, ईरान की गतिविधियां और मध्य पूर्व में शांति बहाली के प्रयास थे।

जेलेंस्की और ट्रंप: एयर डिफेंस सिस्टम पर जोर

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने व्हाइट हाउस पहुंचकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ लगभग एक घंटे तक द्विपक्षीय वार्ता की। बैठक का मुख्य एजेंडा यूक्रेन की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना था। जेलेंस्की ने बताया कि उन्होंने मुख्य रूप से पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलों के उत्पादन के लिए लाइसेंस प्राप्त करने और यूक्रेन की हवाई सुरक्षा कवच को अभेद्य बनाने पर चर्चा की है। यूक्रेन पर रूस के लगातार बढ़ते ड्रोन और मिसाइल हमलों के बीच जेलेंस्की ने जोर दिया कि उनके शहरों और रणनीतिक ठिकानों की रक्षा के लिए मजबूत एयर डिफेंस सिस्टम की अत्यंत आवश्यकता है।

इसके साथ ही दोनों नेताओं ने रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए कूटनीतिक रास्तों पर भी विचार-विमर्श किया। जेलेंस्की के अनुसार, दोनों देशों की टीमें लगातार संपर्क में रहेंगी ताकि युद्ध समाप्ति की ओर ठोस कदम उठाए जा सकें। यूक्रेन लंबे समय से पश्चिमी सहयोगियों से अतिरिक्त पैट्रियट सिस्टम की मांग कर रहा है, और इस बैठक को कीव की उस रणनीति का एक हिस्सा माना जा रहा है जिसके तहत वे अमेरिका से रक्षा आपूर्ति का नया पैकेज हासिल करना चाहते हैं।

इजरायल-अमेरिका वार्ता: ईरान का मुद्दा सबसे ऊपर

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच व्हाइट हाउस में करीब 90 मिनट तक गहन चर्चा हुई। फरवरी में ईरान के खिलाफ संयुक्त सैन्य अभियान की शुरुआत के बाद यह दोनों नेताओं की पहली आमने-सामने की मुलाकात थी। बैठक का केंद्र बिंदु ईरान के अंडरग्राउंड परमाणु ठिकानों से जुड़ी खुफिया रिपोर्ट रही। नेतन्याहू चाहते हैं कि अमेरिका ईरान पर सैन्य दबाव को बरकरार रखे ताकि भविष्य में तेहरान किसी भी प्रकार के परमाणु हथियार हासिल न कर सके।

ट्रंप ने स्पष्ट किया कि उन्हें पिकएक्स माउंटेन में ईरान की गतिविधियों की पूरी जानकारी है, जिसे संभावित परमाणु ठिकानों का केंद्र माना जा रहा है। हालांकि, ट्रंप ने यह भी कहा कि फिलहाल ईरान की ओर से कोई बड़ा खतरा नहीं है। इस बैठक में दोनों नेताओं की घरेलू राजनीतिक परिस्थितियों का भी असर दिखा। नेतन्याहू को इजरायल में जल्द चुनाव और विपक्ष के बढ़ते दबाव का सामना करना पड़ रहा है, जबकि नवंबर में अमेरिका में होने वाले मध्यावधि चुनाव के चलते ट्रंप पर भी अर्थव्यवस्था और महंगाई को लेकर विपक्ष के हमले तेज हो गए हैं।

लेबनान-इजरायल सीमा पर शांति की उम्मीद

लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन की ट्रंप के साथ हुई मुलाकात को शांति प्रक्रिया की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है। बातचीत के दौरान मुख्य रूप से हिजबुल्लाह और इजरायल के बीच चल रहे तनाव पर चर्चा हुई। अमेरिकी विदेश विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि बातचीत का माहौल काफी अनुकूल है और दोनों पक्षों के बीच प्रगति की अच्छी संभावना है।

इस मुलाकात के बाद लेबनान-इजरायल शांति प्रक्रिया में एक नया भरोसा जागा है। दक्षिणी लेबनान में लागू किए गए पायलट जोन के परिणामों को सकारात्मक बताया गया है। इस दिशा में अगले दौर की महत्वपूर्ण वार्ता 4 से 6 अगस्त के बीच इटली की राजधानी रोम में आयोजित की जाएगी।

रोम में होने वाली अगली वार्ता के मुख्य बिंदु

इटली के रोम में होने वाली तकनीकी बैठक में दोनों देशों के प्रतिनिधि कई अहम मुद्दों को अंतिम रूप देंगे, जिनमें शामिल हैं:

  • दक्षिणी लेबनान में पायलट ज़ोन का विस्तार करना।
  • इजरायल और लेबनान के बीच सीमा संबंधी विवादों का स्थायी समाधान खोजना।
  • अमेरिका-इजरायल-लेबनान के बीच हुए समझौतों को पूरी तरह से धरातल पर उतारना।
  • क्षेत्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आतंकवादी संगठनों को निरस्त्र करने पर कार्ययोजना बनाना।

कुल मिलाकर, व्हाइट हाउस में हुई ये तीनों बैठकें स्पष्ट करती हैं कि डोनाल्ड ट्रंप आने वाले समय में विश्व के इन हॉट-स्पॉट क्षेत्रों में अमेरिका की सक्रिय भूमिका को और बढ़ाने की तैयारी कर रहे हैं। चाहे वो यूक्रेन का रक्षा तंत्र हो या मध्य पूर्व में ईरान का बढ़ता प्रभाव, अमेरिकी प्रशासन इन सभी पर कड़ी नजर रखे हुए है।

करण मल्होत्रा पाबना के अंतरराष्ट्रीय संवाददाता हैं, जो अमेरिका, यूरोप और एशिया की खबरें रिपोर्ट करते हैं। वैश्विक राजनीति, अर्थव्यवस्था और बड़े अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर वे नजर रखते हैं। उनकी रिपोर्ट्स दुनिया की हलचल को पाठकों तक तेजी से पहुंचाती हैं।

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