AI को राष्ट्रीय हथियार मानने लगा अमेरिका, एंथ्रोपिक के सबसे ताकतवर मॉडल पर लगा बैन, आखिर किस बात से डरी ट्रंप सरकार? विश्व एक घंटा पहले 2
अमेरिका ने एंथ्रोपिक के सबसे उन्नत AI मॉडल ‘मिथोस 5’ और ‘फेबल 5’ पर सख्त निर्यात नियंत्रण लगा दिए हैं। सरकार को आशंका है कि इन शक्तिशाली मॉडल्स का गलत इस्तेमाल राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है, जिसके बाद कंपनी को दुनिया भर के ग्राहकों के लिए एक्सेस अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा।

अमेरिका अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को महज एक तकनीक की तरह नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक हथियार की नजर से देखने लगा है। जिस तरह बीते दौर में परमाणु तकनीक, मिसाइल और अत्याधुनिक हथियारों की जानकारी अमेरिका दूसरे देशों के हाथ नहीं लगने देता था, ठीक वैसा ही रुख अब वह AI को लेकर अपनाता दिख रहा है। ट्रंप प्रशासन ने राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए साफ संकेत दे दिए हैं कि उन्नत AI मॉडल अब सिर्फ टेक्नोलॉजी नहीं, बल्कि रणनीतिक संपत्ति और आने वाले समय का हथियार हैं।

किन मॉडल्स पर लगी पाबंदी

अमेरिकी सरकार ने AI कंपनी एंथ्रोपिक के सबसे एडवांस्ड मॉडल ‘मिथोस 5’ और ‘फेबल 5’ पर कड़े निर्यात नियंत्रण लागू कर दिए हैं। इस फैसले के बाद कंपनी अब इन मॉडल्स को सीधे दुनिया तक नहीं पहुंचा सकती। प्रशासन का तर्क है कि इन मॉडल्स का दुरुपयोग देश की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा साबित हो सकता है।

आखिर हुआ क्या

एक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक ने एंथ्रोपिक के सीईओ डारियो अमोदेई को एक पत्र भेजा। इसमें बताया गया कि कंपनी के सबसे शक्तिशाली AI मॉडल्स को अमेरिका के बाहर किसी भी देश, विदेशी कंपनी या विदेशी व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए अब विशेष लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा।

इतना ही नहीं, हर ट्रांसफर के लिए अलग से सरकारी मंजूरी तक लेनी पड़ सकती है। पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया कि इन नियमों का उल्लंघन करने पर कंपनी को वित्तीय और कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

सरकार को किस बात का है डर

एक प्रशासनिक अधिकारी के मुताबिक, सरकार की चिंता उस समय बढ़ी जब एक दूसरी कंपनी ने दावा किया कि वह एंथ्रोपिक के मॉडल की सुरक्षा व्यवस्था को तोड़ने यानी ‘जेलब्रेक’ करने में सफल रही है। जेलब्रेक का अर्थ है AI पर लगे सुरक्षा प्रतिबंधों को भेदकर उससे ऐसी जानकारी या काम हासिल करना, जो सामान्य हालात में पूरी तरह प्रतिबंधित होता है।

इस दावे के बाद अमेरिकी प्रशासन को आशंका हुई कि इतने ताकतवर AI सिस्टम का इस्तेमाल राष्ट्रीय सुरक्षा के खिलाफ भी किया जा सकता है। अधिकारी ने बताया कि सरकार चाहती थी कि एंथ्रोपिक नए मॉडल जारी करने पर कुछ समय के लिए रोक लगाए, लेकिन कंपनी इसके लिए राजी नहीं हुई।

कंपनी ने रोका एक्सेस

सरकारी आदेश के बाद एंथ्रोपिक ने देर रात ऐलान किया कि वह मिथोस और फेबल मॉडल्स तक सभी ग्राहकों की पहुंच फिलहाल अस्थायी रूप से बंद कर रही है। कंपनी ने अपने बयान में कहा, ‘हमें लगता है कि यह एक गलतफहमी है और हम जल्द से जल्द एक्सेस बहाल करने के लिए काम कर रहे हैं।’

पहले से चल रही थी कवायद

इस महीने की शुरुआत में ट्रंप प्रशासन एक कार्यकारी आदेश भी जारी कर चुका है, जिसके तहत सबसे उन्नत AI मॉडल्स को सार्वजनिक इस्तेमाल से पहले परीक्षण से गुजरना होगा। हालांकि इस व्यवस्था को स्वैच्छिक बताया गया था और व्हाइट हाउस ने किसी औपचारिक लाइसेंसिंग सिस्टम से बचने की कोशिश की थी। लेकिन एंथ्रोपिक का यह मामला दर्शाता है कि जब बात राष्ट्रीय सुरक्षा की आती है तो सरकार सीधे हस्तक्षेप करने से पीछे नहीं हटती।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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