अमेरिकी जनता की नजर में भारत का प्रभाव, डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों के बावजूद बनी हुई है सकारात्मक छवि विश्व 5 घंटे पहले 3
प्यू रिसर्च सेंटर के नए आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका में भारत की छवि को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रिया है, जहाँ राजनीतिक विचारधारा और उम्र के आधार पर लोगों की राय में बड़ा अंतर देखने को मिलता है।

सर्वे में उभरकर आई भारत की वैश्विक स्थिति

हाल ही में प्यू रिसर्च सेंटर द्वारा जारी एक महत्वपूर्ण सर्वे ने वैश्विक मंच पर भारत की बदलती छवि पर मुहर लगा दी है। इस अध्ययन के अनुसार, दुनिया के कई हिस्सों में भारत की प्रतिष्ठा मजबूत बनी हुई है। दिलचस्प बात यह है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से उठाए गए कड़े कदमों और प्रशासनिक नीतियों के बावजूद, अमेरिका में एक बड़ा वर्ग अभी भी भारत के प्रति सकारात्मक नजरिया रखता है। आंकड़ों पर गौर करें तो अमेरिका में 45 प्रतिशत लोग भारत को लेकर सकारात्मक राय रखते हैं, हालांकि 50 प्रतिशत लोगों की राय इसके विपरीत यानी नकारात्मक है।

राजनीतिक झुकाव का असर

इस सर्वे की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि भारत को देखने का नजरिया अमेरिकी नागरिकों की राजनीतिक विचारधारा से गहराई से जुड़ा हुआ है। डेमोक्रेटिक पार्टी के समर्थकों या उसकी ओर झुकाव रखने वाले लोगों में 50 प्रतिशत लोग भारत को सकारात्मक दृष्टि से देखते हैं, जबकि 47 प्रतिशत लोग इससे असहमत हैं। इसके उलट, रिपब्लिकन पार्टी और उसकी विचारधारा से प्रभावित अमेरिकियों में केवल 42 प्रतिशत लोग ही भारत के पक्ष में दिखाई दिए हैं, जबकि 55 प्रतिशत लोगों की सोच नकारात्मक है। इस प्रकार दोनों प्रमुख राजनीतिक धड़ों के बीच भारत को लेकर 13 प्रतिशत अंकों का स्पष्ट अंतर देखने को मिलता है।

उम्र और धारणा का संबंध

सिर्फ राजनीति ही नहीं, बल्कि उम्र भी इस सर्वे में एक बड़ा कारक बनकर उभरी है। रिपोर्ट के अनुसार, 65 साल या उससे अधिक उम्र के 50 प्रतिशत अमेरिकी भारत को सकारात्मक मानते हैं। इसके विपरीत, युवा पीढ़ी यानी 30 साल से कम आयु के लोगों में यह आंकड़ा गिरकर केवल 42 प्रतिशत रह जाता है। यह स्पष्ट करता है कि भारत की छवि को लेकर अलग-अलग पीढ़ियों में अलग-अलग राय मौजूद है।

टैरिफ विवाद और व्यापारिक तनाव

अमेरिका और भारत के बीच पिछले कुछ समय में व्यापारिक रिश्तों में काफी उतार-चढ़ाव देखे गए हैं। अगस्त 2025 में डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने भारतीय उत्पादों पर 25 प्रतिशत का भारी टैरिफ लगा दिया था। विवाद तब और बढ़ गया जब रूस से रियायती दरों पर कच्चा तेल खरीदने के कारण भारत पर अतिरिक्त 25 प्रतिशत का टैरिफ थोप दिया गया। हालांकि, कई महीनों के कूटनीतिक तनाव के बाद फरवरी 2026 में ट्रंप ने भारतीय सामानों पर इस शुल्क को घटाकर 18 प्रतिशत करने का ऐलान किया। ट्रंप का दावा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस से तेल आयात घटाने और अमेरिका से तकनीक व ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश बढ़ाने का आश्वासन दिया है। इसके साथ ही, भारत की ओर से अमेरिका में लगभग 500 अरब डॉलर का निवेश करने की योजना की चर्चा भी जोरों पर है। हालांकि, इन राहतों के आने से पहले तक भारतीय कंपनियां लंबे समय तक उच्च शुल्क का दंश झेल चुकी थीं।

वैश्विक स्तर पर भारत की स्थिति

अमेरिकी सर्वे के अलावा, दुनिया के अन्य देशों में भी भारत की स्थिति का आकलन किया गया है। साल 2025 की तुलना में ब्रिटेन में भारत की सकारात्मक छवि में 11 प्रतिशत और जर्मनी में 6 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। भारत के प्रति आकर्षण का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि श्रीलंका में 79 प्रतिशत और केन्या में 71 प्रतिशत लोग भारत के समर्थन में हैं। यदि पूरे विश्व के औसत की बात करें, तो 45 प्रतिशत लोग भारत को सकारात्मक रूप में देख रहे हैं, जबकि 41 प्रतिशत लोगों की राय नकारात्मक है।

करण मल्होत्रा पाबना के अंतरराष्ट्रीय संवाददाता हैं, जो अमेरिका, यूरोप और एशिया की खबरें रिपोर्ट करते हैं। वैश्विक राजनीति, अर्थव्यवस्था और बड़े अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर वे नजर रखते हैं। उनकी रिपोर्ट्स दुनिया की हलचल को पाठकों तक तेजी से पहुंचाती हैं।

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