क्राइम
एक घंटा पहले
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सोशल मीडिया के जरिए बनाया शिकार
राजस्थान के अलवर जिले की अरावली विहार थाना पुलिस ने एक ऐसे खतरनाक गिरोह का भंडाफोड़ किया है जो सोशल मीडिया के माध्यम से दूसरे राज्यों के व्यापारियों को अपने जाल में फंसाते थे और फिर उनका अपहरण करके लूटपाट की वारदातों को अंजाम देते थे। पुलिस ने इस मामले में दो मुख्य आरोपियों को हिरासत में लिया है। इन आरोपियों ने गुजरात के एक व्यापारी को बेहद सस्ते दाम पर सामान उपलब्ध कराने का प्रलोभन देकर अलवर बुलाया था। जब व्यापारी अलवर पहुँचा, तो आरोपियों ने उसे अपनी कार में बैठा लिया और उसे शहर से दूर सुनसान एक्सप्रेस-वे की ओर ले गए।
लूट और मारपीट की भयावह घटना
एक्सप्रेस-वे पर ले जाने के बाद, गिरोह के सदस्यों ने व्यापारी को बंधक बना लिया। उन्होंने उसे जान से मारने की धमकी दी और उसके साथ जमकर मारपीट की। आरोपी इतने पर ही नहीं रुके, उन्होंने व्यापारी के पास मौजूद पूरी नकदी छीन ली और उसे धमकाकर उसके बैंक खातों से अपने फर्जी खातों में ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करवा लिए। इस घटना के बाद से ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
पुलिस टीम की बड़ी कामयाबी
जिला पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि साइबर अपराधों को रोकने और संगठित अपराधियों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस विशेष अभियान चला रही है। इसी के तहत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. दीपक कुमार और कार्यवाहक उप पुलिस अधीक्षक दिलीप मीना के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम गठित की गई थी। पुलिस की इस टीम ने घटना के बाद से ही अपराधियों का सुराग लगाने के लिए व्यापक स्तर पर जांच शुरू की।
50 से अधिक कैमरों से मिली सफलता
मामले की गंभीरता को समझते हुए अरावली विहार थाना पुलिस ने शहर के मुख्य मार्गों और आसपास के रास्तों पर लगे 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का बारीकी से अध्ययन किया। गहन तकनीकी जांच और सर्विलांस के दौरान, पुलिस को वारदात में इस्तेमाल की गई एक स्विफ्ट डिजायर कार के बारे में ठोस सुराग मिला। पुलिस ने जब कार के मालिक तक पहुँचकर पूछताछ की, तो पता चला कि यह वाहन किराए पर दिया गया था। इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए पुलिस आरोपियों के ठिकाने तक पहुँच गई और उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
गिरोह के अन्य साथियों की तलाश जारी
गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। उन्होंने स्वीकार किया है कि वे सोशल मीडिया का इस्तेमाल केवल शिकार ढूंढने के लिए करते थे और इसी तरह के हथकंडे अपनाकर वे अन्य व्यापारियों को भी निशाना बना चुके हैं। पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त स्विफ्ट डिजायर कार को जब्त कर लिया है। वर्तमान में पुलिस टीम गिरोह के उन अन्य सदस्यों की सरगर्मी से तलाश कर रही है जो अभी फरार हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह एक संगठित गिरोह है और जल्द ही बाकी आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है ताकि गिरोह के द्वारा की गई अन्य वारदातों का भी पता लगाया जा सके।
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