कम बजट और बड़े सपनों की उड़ान, विशाल तिवारी ने कैसे तय किया 1000 से ज्यादा इवेंट्स का सफर उत्तर प्रदेश 45 मिनट पहले 4
प्रयागराज के विशाल तिवारी ने बिना किसी महंगे कैमरे या स्टूडियो के अपने करियर की शुरुआत की थी, और आज वे 1000 से ज्यादा कार्यक्रमों को कवर कर एक सफल प्रोडक्शन हाउस चला रहे हैं।

संघर्ष से सफलता तक की राह

प्रयागराज के रहने वाले विशाल तिवारी की कहानी उन सभी युवाओं के लिए एक प्रेरणा है जो अपने दम पर कुछ करना चाहते हैं। जब उन्होंने वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी के क्षेत्र में कदम रखा था, तब उनके पास न तो कोई बड़ा स्टूडियो था और न ही महंगे उपकरण। शुरुआत के दिनों में काम मिलना उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती साबित हुई। विशाल बताते हैं कि उस दौर में उन्होंने खुद लोगों से संपर्क साधने का काम किया, ताकि उन्हें छोटे प्रोजेक्ट्स मिल सकें। जैसे-जैसे उन्हें छोटे काम मिलने शुरू हुए, उनका अनुभव भी बढ़ता गया और साथ ही लोगों का उन पर भरोसा भी मजबूत होने लगा।

टीम बनाकर बढ़ाया दायरा

शुरुआती दौर में कमाई बहुत कम थी, लेकिन विशाल ने हार मानने के बजाय इसी क्षेत्र में डटे रहने का फैसला किया। जैसे-जैसे उनके पास काम का बोझ बढ़ने लगा, उन्होंने अकेले काम करने के बजाय अपनी एक टीम तैयार करने की ठानी। धीरे-धीरे एक छोटे प्रोडक्शन हाउस के रूप में उनका काम आकार लेने लगा। टीम में सदस्यों की संख्या बढ़ी और इसके साथ ही शादी-विवाह के अलावा अन्य पारिवारिक आयोजनों की शूटिंग के ऑफर भी उन्हें मिलने लगे। आज उनकी यह मेहनत रंग ला चुकी है और उनकी टीम 1000 से ज्यादा इवेंट्स को सफलता पूर्वक कवर कर चुकी है।

बदलती हुई वेडिंग फोटोग्राफी

विशाल का मानना है कि हर नया प्रोजेक्ट उनके लिए कुछ नया सीखने का अवसर लेकर आता है, जिससे उनकी टीम की कार्यक्षमता और गुणवत्ता में लगातार निखार आया है। पिछले कुछ वर्षों में वेडिंग फोटोग्राफी के ट्रेंड में काफी बदलाव आया है। अब ग्राहक केवल फोटो और वीडियो की गुणवत्ता देखकर ही फैसला नहीं लेते, बल्कि वे टीम के पिछले अनुभव, काम करने के ढंग और उनकी पुरानी परियोजनाओं के बारे में भी पूरी जानकारी हासिल करना चाहते हैं। नई कंपनियों के लिए ग्राहकों का यह विश्वास जीतना ही आज के समय में सबसे बड़ी चुनौती है।

युवाओं को दे रहे प्रशिक्षण

विशाल केवल अपने बिजनेस को ही आगे नहीं बढ़ा रहे, बल्कि वे नए युवाओं को भी मौका दे रहे हैं। उनके प्रोडक्शन हाउस में युवाओं को इंटर्नशिप के जरिए काम सीखने का अवसर मिलता है। कई युवा ऐसे हैं जिन्होंने उनके साथ काम सीखा और अब वे उनकी टीम का अभिन्न हिस्सा बनकर काम कर रहे हैं। विशाल सलाह देते हैं कि इस क्षेत्र में आने वाले युवाओं को केवल कैमरा ऑपरेट करने तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए। उनके अनुसार, अगर इस फील्ड में सफल होना है तो एडिटिंग, बिजनेस मैनेजमेंट और मार्केटिंग की समझ होना भी अनिवार्य है।

आर्थिक चुनौतियां और शुरुआती पूंजी

अपने शुरुआती सफर को याद करते हुए विशाल बताते हैं कि उन्होंने अपने काम को बड़े स्तर पर ले जाने के लिए बैंक से लोन लेने का प्रयास भी किया था, लेकिन तब उन्हें सफलता नहीं मिली। इसके बावजूद उन्होंने निराश होने के बजाय अपने स्तर पर ही काम को जारी रखा। विशाल के मुताबिक, अगर आज कोई युवा अपना छोटा स्टूडियो शुरू करना चाहता है, तो करीब चार से पांच लाख रुपये की पूंजी से एक या दो कैमरे और जरूरी उपकरणों के साथ शुरुआत कर सकता है। हालांकि, वे यह भी स्पष्ट करते हैं कि सिर्फ सामान खरीद लेना ही काफी नहीं है, बल्कि ग्राहकों के साथ बेहतर संबंध बनाना और काम की गहरी समझ होना सफलता की कुंजी है।

काम की अनिश्चितता

कमाई के विषय पर विशाल का कहना है कि वीडियोग्राफी के क्षेत्र में मासिक आमदनी एक जैसी नहीं रहती है। शादी के सीजन में काम बहुत ज्यादा होता है, जबकि ऑफ सीजन में काम कम मिल सकता है। बावजूद इसके, निरंतर काम मिलने के कारण उनका प्रोडक्शन हाउस लगातार आगे बढ़ रहा है। आज विशाल का मुख्य लक्ष्य अपनी टीम को और अधिक मजबूत बनाना है ताकि वे अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार और सीखने का अवसर प्रदान कर सकें। छोटे स्तर से शुरू हुआ यह सफर अब एक बड़े व्यवसाय का रूप ले चुका है, जो यह साबित करता है कि संकल्प शक्ति से सब कुछ संभव है।

चेतन तिवारी पाबना के उत्तर प्रदेश संवाददाता हैं और राज्य की राजनीति, प्रशासन तथा जमीनी मुद्दों को कवर करते हैं। लखनऊ में रहते हुए वे जिलों से लेकर विधानसभा तक की खबरें संतुलित रिपोर्टिंग के साथ पाठकों तक पहुंचाते हैं। आम लोगों के मुद्दों और स्थानीय घटनाओं पर उनका खास फोकस रहता है।

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