पुष्कर मेला 2026: पहली बार होगा डिजिटल नवाचार, क्यूआर कोड स्कैन करते ही मिलेगी पशुओं की पूरी कुंडली राजस्थान 2 घंटे पहले 7
राजस्थान के अंतरराष्ट्रीय पुष्कर मेले को इस वर्ष हाई-टेक बनाया जा रहा है, जहां क्यूआर कोड के माध्यम से पर्यटक और पशुपालक मेले की हर जानकारी अपने मोबाइल पर प्राप्त कर सकेंगे।

पुष्कर मेले में तकनीक का तड़का

अजमेर जिले के प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय पुष्कर मेले में इस बार कई बड़े बदलाव और आधुनिक नवाचार देखने को मिलने वाले हैं। जैसे-जैसे मेले की तारीख नजदीक आ रही है, प्रशासन ने तैयारियों को तेज कर दिया है। इस साल का मुख्य आकर्षण मेले को आधुनिक तकनीक से जोड़ना है। डिजिटल युग की जरूरतों को समझते हुए पुष्कर मेला प्रशासन ने मेले में क्यूआर कोड आधारित विशेष सुविधा शुरू करने का निर्णय लिया है। इस पहल का उद्देश्य देश और विदेश से आने वाले पर्यटकों तथा पशुपालकों को मेले से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी उनके मोबाइल पर केवल एक स्कैन के साथ उपलब्ध कराना है।

डिजिटल युग और मेला प्रबंधन

मेला अधिकारी डॉ नवीन परिहार ने इस डिजिटल पहल पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्तमान समय पूरी तरह से डिजिटल तकनीक पर आधारित है। आज हर व्यक्ति वित्तीय लेनदेन से लेकर सूचना प्राप्त करने तक के लिए मोबाइल और स्कैनिंग का उपयोग कर रहा है। इसी आधुनिक चलन को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष के पुष्कर मेले को पूरी तरह से डिजिटल और स्मार्ट बनाने की दिशा में यह एक बड़ा कदम उठाया गया है। परिहार का मानना है कि इस सुविधा से पर्यटकों को दिशा-निर्देश खोजने में अब कोई परेशानी नहीं होगी और वे अधिक व्यवस्थित ढंग से मेले का आनंद ले सकेंगे।

हेल्प डेस्क पर क्यूआर कोड की सुविधा

मेला अधिकारी ने बताया कि अक्सर पर्यटक हेल्प डेस्क पर पहुंचकर यह जानने का प्रयास करते हैं कि सबसे ऊंचा घोड़ा या सबसे छोटा घोड़ा कहां बांधा गया है या फिर विभिन्न प्रतियोगिताएं किस स्थान पर आयोजित की जा रही हैं। इन सामान्य लेकिन महत्वपूर्ण सवालों के त्वरित समाधान के लिए हेल्प डेस्क पर एक बड़ा फ्लेक्स बोर्ड लगाया जाएगा। इस फ्लेक्स पर मेले के विभिन्न महत्वपूर्ण स्थानों और स्थलों के अलग-अलग क्यूआर कोड प्रिंट किए जाएंगे। कोई भी व्यक्ति अपने स्मार्टफोन से अपनी पसंद के स्थान का कोड स्कैन करके तुरंत उसकी सटीक लोकेशन और वहां तक पहुंचने के रास्ते की जानकारी हासिल कर पाएगा।

प्रतियोगिताओं और सुविधाओं की मिलेगी सटीक जानकारी

इस तकनीक के माध्यम से मेले में होने वाले विभिन्न आकर्षणों को ढूंढना अब बेहद सरल हो जाएगा। इनमें प्रमुख रूप से चारा डिपो, सरस डेयरी पार्लर, हॉर्स डांस प्रतियोगिता और ऊंट सजावट समारोह जैसे आयोजन शामिल हैं। पहले कई बार लोगों को सूखा चारा, हरा चारा या पशुओं का दाना खरीदने के लिए सही जगह तलाशने में काफी मशक्कत करनी पड़ती थी। क्यूआर कोड की मदद से अब इन सभी जरूरी स्थानों के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन स्थलों की सटीक जानकारी केवल एक क्लिक पर उपलब्ध होगी, जिससे पर्यटकों और पशुपालकों का काफी समय बचेगा।

घर बैठे भी मिलेगा लाभ

यह डिजिटल सुविधा न केवल मेला स्थल पर मौजूद लोगों के लिए फायदेमंद है, बल्कि यह घर बैठे लोगों के लिए भी उतनी ही उपयोगी साबित होगी। किसी भी कोड को स्कैन करते ही हेल्प डेस्क के माध्यम से उस विशेष स्थान की वास्तविक दूरी और वहां तक पहुंचने का सही मार्ग पता चल जाएगा। पर्यटक और आगंतुक यह आसानी से जान सकेंगे कि उन्हें किस दिशा में जाना है और पैदल रास्ता कितना लंबा है। इसके अलावा, इस क्यूआर कोड स्कैनिंग के जरिए मेले में लाए गए सबसे महंगे, सबसे छोटे और खास विशेषताओं वाले पशुओं की पहचान करना और उनकी पूरी जानकारी हासिल करना अब पहले से काफी आसान हो जाएगा। इस नवाचार के साथ पुष्कर मेला आधुनिकता और परंपरा के अनूठे संगम के रूप में उभर रहा है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप