अजमेर का प्रेम प्रकाश आश्रम: कैलाश पर्वत की प्रतिलिपि और 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन का अनूठा धाम राजस्थान 3 घंटे पहले 2
राजस्थान के अजमेर में स्थित प्रेम प्रकाश आश्रम इन दिनों महादेव के भक्तों के लिए आस्था का सबसे बड़ा केंद्र बना हुआ है, जहाँ कैलाश पर्वत के प्रतिरूप और गुफा के भीतर 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन किए जा सकते हैं।

आस्था और वास्तुकला का संगम

राजस्थान के अजमेर जिले के आदर्श नगर इलाके में स्थित प्रेम प्रकाश आश्रम इन दिनों श्रद्धालुओं के बीच विशेष चर्चा का विषय बना हुआ है। यह आश्रम केवल एक धार्मिक स्थल ही नहीं, बल्कि वास्तुकला का भी एक बेहतरीन नमूना है। यहाँ बनाया गया कैलाश पर्वत का प्रतिरूप भक्तों को भगवान शिव की अलौकिक दुनिया का अहसास कराता है। सावन के पवित्र महीने में यहाँ दर्शन करने के लिए भारी संख्या में श्रद्धालु जुट रहे हैं और खुद को शिव भक्ति में सराबोर महसूस कर रहे हैं।

विशाल प्रतिमाएं और गुफा के अद्भुत नज़ारे

इस आश्रम परिसर में प्रवेश करते ही भक्तों को 32 फीट ऊंची भगवान शिव की भव्य प्रतिमा दिखाई देती है, जो देखते ही बनती है। इसके साथ ही परिसर में 23 फीट ऊंची भगवान गणेश की प्रतिमा भी स्थापित की गई है। इन मूर्तियों की भव्यता और जीवंतता श्रद्धालुओं को एक गहरे आध्यात्मिक अनुभव से जोड़ती है। कैलाश पर्वत के नीचे दो तरफ से विशाल मगरमच्छ के मुंह के आकार की गुफाएं बनाई गई हैं। इन गुफाओं के अंदर का दृश्य किसी वास्तविक पहाड़ी अनुभव से कम नहीं है। सबसे खास बात यह है कि इन गुफाओं के भीतर ही 12 ज्योतिर्लिंगों की प्रतिकृतियां स्थापित की गई हैं। श्रद्धालु जब इन गुफाओं से होकर गुजरते हैं, तो उन्हें एक ही स्थान पर सभी 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन करने का दुर्लभ सौभाग्य प्राप्त होता है। गुफा के भीतर का शांत वातावरण भक्ति की भावना को और भी प्रबल कर देता है।

आकर्षक संरचनाएं और दान पात्र

परिसर की सुंदरता को बढ़ाने के लिए भगवान शिव की प्रतिमा के ठीक सामने एक फव्वारा सर्किल तैयार किया गया है। यहाँ की हर एक रचना धर्म और कला का एक अद्भुत मेल है। यहाँ की दान पेटियां भी बेहद अनोखी और कलात्मक हैं। परिसर में 4 फीट ऊंचे कमंडल के आकार का दान पात्र और 5 फीट ऊंचे नगाड़े के आकार का दान पात्र स्थापित किया गया है, जो अपनी बनावट में सामान्य दान पात्रों से काफी अलग और आकर्षक दिखाई देते हैं।

भव्य मंडप और घंटियों की गूंज

आश्रम में लगभग 30 फीट ऊंचा एक भव्य मंडप भी बना हुआ है। इस मंडप की खासियत इसके चार स्तंभ हैं, जिन पर परियों की बेहद सुंदर आकृतियां उकेरी गई हैं। इस मंडप की शोभा बढ़ाने के लिए इसके चारों तरफ 14-14 बड़ी घंटियां लगाई गई हैं। जब श्रद्धालु इन घंटियों को बजाते हैं, तो उनकी मधुर ध्वनि पूरे आश्रम परिसर में गूंज उठती है, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो जाता है।

आश्रम तक कैसे पहुंचें?

अगर आप भी अजमेर के प्रेम प्रकाश आश्रम के दर्शन करना चाहते हैं, तो यहाँ तक पहुंचना काफी सरल है। यह स्थान अजमेर रेलवे स्टेशन से केवल 4 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। पर्यटकों को सबसे पहले आदर्श नगर पहुंचना होगा। आदर्श नगर में माधव द्वार के नाम से एक प्रवेश द्वार बना हुआ है, जहां से सीधे अंदर जाने पर आप आसानी से प्रेम प्रकाश आश्रम पहुंच सकते हैं।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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