भारत
एक घंटा पहले
3
विचारों
सीकर जिले में खेती को आधुनिक रूप देने की दिशा में एक अहम पहल शुरू की गई है। कृषि विभाग की इस नई योजना के तहत जिले के लगभग 5 हजार किसानों को बाजरा, मूंगफली, मूंग और मोठ की हाइब्रिड किस्मों की बुवाई के लिए प्रेरित किया जाएगा। इस कदम का मकसद किसानों को बेहतर तकनीक और अधिक पैदावार देने वाली फसलों से जोड़ना है।
किसानों पर नहीं पड़ेगा अतिरिक्त बोझ
योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें किसानों को अपनी जेब से कोई अतिरिक्त रकम खर्च नहीं करनी होगी। हाइब्रिड बीजों के साथ-साथ खेती में लगने वाले अन्य जरूरी संसाधनों का संपूर्ण खर्च सरकार स्वयं उठाएगी। इससे छोटे और सीमांत किसान भी बिना आर्थिक दबाव के उन्नत खेती की ओर बढ़ सकेंगे।
उत्पादन और आय बढ़ाने पर जोर
इस पहल के जरिए किसानों को उच्च उत्पादकता वाली फसलों से जोड़ने की कोशिश की जा रही है, ताकि उनका उत्पादन भी बढ़े और आमदनी में भी इजाफा हो। हाइब्रिड किस्मों के इस्तेमाल से अधिक पैदावार के साथ-साथ फसलों में रोगों से लड़ने की क्षमता और मौसम के उतार-चढ़ाव से सुरक्षा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
विशेषज्ञ मान रहे गेम चेंजर
कृषि क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि यह योजना सीकर के किसानों के लिए बड़ा बदलाव लाने वाली साबित हो सकती है। बेहतर बीज और आधुनिक तकनीक का लाभ मिलने से क्षेत्र की खेती को नई दिशा मिलने की संभावना है।
Comments
0 comment