आंध्र प्रदेश: मंदिर ले जाने के बहाने पति को मौत के घाट उतारने वाली पत्नी हसिनी का खौफनाक सच क्राइम एक महीने पहले 61
चित्तूर में 19 साल की हसिनी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की बेरहमी से हत्या कर दी। उसने अपनी मासूम बेटी और पति को धार्मिक यात्रा के नाम पर पहाड़ी रास्ते पर बुलाया और वहां घात लगाकर बैठे हमलावरों से कत्ल करवा दिया।

पहाड़ी रास्ते पर रची गई खौफनाक साजिश

आंध्र प्रदेश के चित्तूर ज़िले से एक बेहद हैरान करने वाली घटना सामने आई है, जहां एक 19 साल की विवाहिता ने अपने पति को मौत के मुंह में धकेल दिया। मामला तब शुरू हुआ जब हसिनी नाम की इस महिला ने अपने पति रमेश को मंदिर जाने के लिए राजी किया। हसिनी ने रमेश से कहा कि उन्हें अपनी छोटी बेटी के सुखद भविष्य के लिए भगवान का आशीर्वाद लेना चाहिए। रमेश ने पत्नी की बात पर भरोसा किया और उसे पता भी नहीं चला कि उसकी पत्नी मंदिर नहीं, बल्कि उसकी कब्र खोदने की तैयारी कर रही थी। मृतक रमेश की उम्र 23 साल थी और वह तमिलनाडु के होसुर में एक निजी कंपनी में कार्यरत था। रमेश और हसिनी की शादी को 2 साल पूरे हो चुके थे और दोनों की एक छोटी सी बेटी भी है।

बाल विवाह की भी हो रही जांच

इस हत्याकांड की जांच के दौरान पुलिस के सामने एक और गंभीर पहलू सामने आया है। स्थानीय ग्रामीणों के दावों के अनुसार, जब रमेश और हसिनी का विवाह हुआ था, तब हसिनी की उम्र कानूनी तौर पर बालिग नहीं थी। पुलिस अब इन रिपोर्टों की गहराई से जांच कर रही है, क्योंकि यदि यह साबित होता है कि शादी के वक्त हसिनी नाबालिग थी, तो इस मामले में बाल विवाह कानून के उल्लंघन का एक नया और गंभीर कोण भी जुड़ जाएगा, जो कानूनी कार्यवाही को और जटिल बना सकता है।

प्रेम प्रसंग और हत्या का ताना-बाना

ऊपर से देखने पर परिवार काफी सामान्य और खुशहाल नजर आता था, लेकिन पर्दे के पीछे हसिनी की एक अलग ही दुनिया चल रही थी। पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि हसिनी का अपने बचपन के दोस्त 20 वर्षीय युगंधर के साथ प्रेम संबंध था। दोनों ने मिलकर रमेश को हमेशा के लिए रास्ते से हटाने की साजिश रची। हसिनी ने धार्मिक यात्रा का बहाना बनाकर रमेश को मल्लप्पा कोंडा पहाड़ियों पर स्थित श्री मल्लेश्वर स्वामी मंदिर चलने के लिए मनाया।

ऐसे दिया वारदात को अंजाम

वारदात के दिन जब रमेश अपनी मोटरसाइकिल से पहाड़ी रास्तों पर ऊपर जा रहा था, तब हसिनी लगातार अपने मोबाइल फ़ोन से युगंधर को उनकी लोकेशन भेज रही थी। युगंधर और उसके साथी रमेश की बाइक का पीछा करते हुए उसी रास्ते पर थे। पहाड़ी पर तीसरे हेयरपिन मोड़ के पास कातिलों ने अपना जाल बिछाया था। जैसे ही वे वहां पहुंचे, हसिनी ने अपना हैंडबैग सड़क पर गिरा दिया। रमेश जैसे ही बाइक रोककर बैग उठाने के लिए नीचे उतरा, युगंधर और उसके साथी अंधेरे की आड़ से निकलकर उस पर टूट पड़े। रमेश ने जान बचाने के लिए जंगल की ओर दौड़ लगाई, वह करीब 100 मीटर तक भागा, लेकिन हमलावरों ने उसका पीछा किया और धारदार हथियारों से उसकी नृशंस हत्या कर दी। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान उनकी छोटी बेटी भी वहीं मौजूद थी, जो इस खौफनाक मंजर की मूक गवाह बनी।

सीसीटीवी और तकनीकी साक्ष्य से हुआ पर्दाफाश

हत्या का राज तब खुला जब रात तक रमेश के वापस न आने पर हसिनी की मां को चिंता हुई और वह पुलिस के पास पहुंची। पुलिस ने इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की पड़ताल की, जिसमें रमेश को परिवार के साथ जाते हुए देखा गया, लेकिन बाद के फुटेज में हसिनी अपने पति को वहीं छोड़कर युगंधर और उसके साथियों के साथ मोटरसाइकिल पर सवार होकर जाती हुई दिखाई दी। पुलिस ने मोबाइल कॉल रिकॉर्ड, GPS लोकेशन और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर जंगल से रमेश का शव बरामद किया। फिलहाल, पुलिस ने हसिनी, उसके प्रेमी युगंधर और दो अन्य साथियों को गिरफ्तार कर लिया है।

सान्वी राणा पाबना के क्राइम एवं राज्य रिपोर्टर हैं, जो अपराध और विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें कवर करते हैं। कानून-व्यवस्था, जांच और बड़ी आपराधिक घटनाओं की वे जिम्मेदार रिपोर्टिंग करते हैं। तथ्यों की पुष्टि और संवेदनशीलता उनके काम की पहचान हैं।

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