आप की अदालत: खाली जेब होने के बावजूद अनिल अग्रवाल ने क्यों चुना मुंबई को अपना ठिकाना? खुद बताई दिलचस्प कहानी भारत 8 घंटे पहले 3
वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए बताया कि कैसे मुंबई की चकाचौंध और वहां की जीवनशैली ने उन्हें अपना दीवाना बना लिया था।

मुंबई की पहली झलक और डबल डेकर बस का रोमांच

वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने हाल ही में अपने शुरुआती दिनों के किस्से साझा किए। उन्होंने बताया कि जब भी उन्हें मौका मिला, वे मुंबई की ओर खिंचे चले आए। उन दिनों का जिक्र करते हुए अग्रवाल ने कहा कि जब वे पहली बार स्टेशन से बाहर निकले, तो उनके पास केवल एक लोहे का बक्सा हुआ करता था। मुंबई की सड़कों पर उतरते ही उन्होंने पहली बार अपनी आंखों से डबल डेकर बस देखी। उन्होंने बताया कि इससे पहले उन्होंने ऐसी बसें केवल फिल्मों में ही देखी थीं। मुंबई की गगनचुंबी इमारतों को देखकर वे बेहद प्रभावित हुए और वहां की भव्यता ने उनका मन मोह लिया।

रात भर जागने वाला शहर और कालबा देवी के अनुभव

अनिल अग्रवाल ने मुंबई की उस रफ्तार को याद किया जिसने उन्हें हैरान कर दिया था। उन्होंने बताया कि पटना के परिवेश से आने के कारण मुंबई की आधुनिक जीवनशैली उनके लिए बिल्कुल अलग थी। अग्रवाल के अनुसार, वहां लड़कियां पूरी आजादी के साथ घूमती थीं, जो उनके लिए नया अनुभव था। उन्होंने कालबा देवी इलाके में 26 रुपये वाले एक लॉज में शरण ली, जहां एक कमरे में 6 बेड हुआ करते थे। रात के समय वहां होने वाले शोर को सुनकर वे घबरा गए थे और उन्हें लगा कि शायद कोई दुर्घटना हुई है या कहीं मारपीट चल रही है, लेकिन बाद में उन्हें समझ आया कि यह शहर तो कभी सोता ही नहीं है। रात के समय खाऊ गली में मिलने वाली पाव भाजी और पापड़ के साथ वहां की चहल-पहल ने उन्हें मुंबई के प्रति आकर्षित किया।

मुंब्रा देवी के सामने लगाई थी रहने की गुहार

अनिल अग्रवाल ने बताया कि मुंबई की जीवंतता देखकर उन्होंने मन बना लिया था कि उन्हें यहीं बसना है। जिस तरह पटना में महावीर स्थान का महत्व है, उसी तरह मुंबई में मुंब्रा देवी का स्थान है। वे वहां पहुंचे और देवी के आगे सिर झुकाकर प्रार्थना की कि वे उन्हें किसी भी हाल में मुंबई में रहने का अवसर दें। ईश्वर की कृपा और अपनी इच्छाशक्ति के दम पर वे आगे बढ़ते गए। 'आप की अदालत' के मंच पर उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि उन्हें पैसे से बेहद लगाव है और इसी चाहत ने उन्हें बुलंदियों तक पहुंचाया है।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप