धर्म
एक घंटा पहले
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विचारों
हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का अत्यंत धार्मिक महत्व माना गया है। 7 सितंबर 2026 को भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अजा एकादशी का व्रत श्रद्धाभाव से रखा जाएगा। इस विशेष दिन पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की आराधना करना भक्तों के लिए बेहद कल्याणकारी और फलदायी रहेगा। इसके साथ ही सोमवार का दिन होने के कारण शिवजी की पूजा का भी अद्भुत संयोग बन रहा है।
तिथि और नक्षत्र की स्थिति
पंचांग की गणना के अनुसार, भाद्रपद महीने के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि आज शाम 5:04 बजे तक प्रभावी रहेगी। इसके पश्चात द्वादशी तिथि की शुरुआत हो जाएगी। आज सूर्य देव पूर्व फाल्गुनी नक्षत्र में संचरण करेंगे, जबकि चंद्र देव शाम 6:14 बजे तक पुनर्वसु नक्षत्र में विराजमान रहेंगे।
सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्र समय
आज सोमवार के दिन सूर्य और चंद्रमा के उदय तथा अस्त होने का समय निम्नलिखित रहेगा:
- सूर्योदय: सुबह 6:14 बजे
- सूर्यास्त: शाम 6:35 बजे
- चंद्रोदय: रात 1:55 बजे
- चंद्रास्त: दोपहर 3:59 बजे
पूजा और शुभ-अशुभ मुहूर्त
अजा एकादशी के इस पावन पर्व पर श्रीहरि और माता लक्ष्मी की साधना जीवन में सुख-समृद्धि लेकर आती है। पंचांग के अनुसार, सोमवार 1 सितंबर के शुभ व अशुभ मुहूर्त, योग, शिववास और राहुकाल की महत्वपूर्ण जानकारी दी गई है ताकि आप अपने सभी पूजा-पाठ और मांगलिक कार्य बिना किसी बाधा के संपन्न कर सकें।
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