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एक घंटा पहले
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जन्माष्टमी और शुक्रवार व्रत का विशेष संयोग
आज 4 सितंबर 2026 को देशभर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण का अवतरण भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मध्यरात्रि में हुआ था। यही कारण है कि जन्माष्टमी के अवसर पर निशीथ काल में कान्हा की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। आज जन्माष्टमी के साथ-साथ शुक्रवार का व्रत भी रखा जाएगा, जो भक्तों के लिए विशेष फलदायी माना जाता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त का समय
पंचांग के अनुसार, आज दिन की शुरुआत सूर्योदय के साथ सुबह 6:13 बजे होगी। वहीं, दिन का समापन यानी सूर्यास्त शाम 6:38 बजे होगा। चंद्रमा की स्थिति पर नजर डालें तो रात 11:45 बजे चंद्रोदय होगा और अगले दिन सुबह 01:00 बजे चंद्रास्त होगा।
शुभ और अशुभ समय की जानकारी
किसी भी मांगलिक कार्य को करने से पहले शुभ और अशुभ समय का ध्यान रखना आवश्यक है। आज राहुकाल और गुलिक काल का समय इस प्रकार रहेगा:
- राहुकाल: सुबह 10:52 बजे से दोपहर 12:25 बजे तक रहेगा।
- गुलिक काल: सुबह 7:46 बजे से सुबह 9:19 बजे तक रहेगा।
शास्त्रों के अनुसार राहुकाल के दौरान किसी भी नए या शुभ कार्य की शुरुआत करने से बचना चाहिए, क्योंकि इसे ज्योतिष शास्त्र में नकारात्मक समय माना गया है।
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