दिल्ली-UP-MP समेत 13 राज्यों में मौसम का कहर, 70KM की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, IMD का बड़ा अलर्ट; जानें कहां पहुंचा मानसून राष्ट्रीय राजनीति 2 घंटे पहले 2
मौसम विभाग ने यूपी, दिल्ली, बिहार और मध्य प्रदेश समेत 13 राज्यों में भारी बारिश, तेज आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी दी है। कई इलाकों में 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जबकि मानसून तेजी से पूर्वी भारत और झारखंड की ओर बढ़ रहा है।

देश का मौसम इस समय ऐसी करवट ले चुका है कि कब क्या बदल जाए, कहना मुश्किल है। कहीं धूल भरी आंधियां आसमान पर छा रही हैं, कहीं बिजली की गड़गड़ाहट लोगों को डरा रही है, तो कहीं भीषण गर्मी के बीच अचानक बादल टूट पड़े हैं। दिल्ली से लेकर यूपी, बिहार और मध्य प्रदेश तक मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 12 जून को 13 राज्यों में भारी बारिश, तूफान और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। कई हिस्सों में 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।

इसका सीधा मतलब यह है कि अगले 24 घंटे कई राज्यों के लिए बेहद कठिन साबित हो सकते हैं। बड़े-बड़े पेड़ गिरने, बिजली आपूर्ति ठप होने और सड़क यातायात के प्रभावित होने की आशंका है। मानसून अब उत्तर भारत की ओर तेजी से बढ़ रहा है और इसी कारण मौसम का यह खतरनाक बदलाव देखने को मिल रहा है।

दिल्ली-NCR में तूफानी रात का रेड अलर्ट

दिल्ली-एनसीआर में गुरुवार रात जिस तरह अचानक मौसम पलटा, उसने लोगों को हैरान कर दिया। दिनभर की उमस और तपिश के बाद शाम होते-होते आसमान पर काले बादल छा गए, तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई और कई इलाकों में बिजली चमकती रही। मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी करते हुए लोगों को घरों में रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी।

IMD के अनुसार दिल्ली में 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं और कुछ जगहों पर यह गति 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक भी पहुंच सकती है। राजधानी में अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री तक रहने का अनुमान है, लेकिन असली चिंता तेज हवाओं को लेकर है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि हरियाणा और उसके आसपास बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन तथा पश्चिमी विक्षोभ के असर से उत्तर भारत का मौसम अचानक उग्र हुआ है, इसलिए अगले दो दिन बेहद संवेदनशील माने जा रहे हैं।

राहत भी, खतरा भी

मौसम का यह बदलाव देश के कई हिस्सों में राहत और खतरा, दोनों साथ लेकर आया है। एक ओर लोगों को लू और भीषण गर्मी से राहत मिल रही है, तो दूसरी ओर तूफानी हवाओं और वज्रपात का खतरा बढ़ गया है। मौसम विभाग ने किसानों और मछुआरों को विशेष सतर्क रहने की सलाह दी है, क्योंकि खेतों में खड़ी फसलें तेज हवाओं और ओलावृष्टि से प्रभावित हो सकती हैं। नदी और समुद्र किनारे रहने वाले लोगों को भी सावधान रहने को कहा गया है, जबकि कई राज्यों में प्रशासन ने आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट मोड पर रखा है।

यूपी में बारिश-आंधी का डबल अटैक

उत्तर प्रदेश में मौसम तेजी से करवट बदल रहा है। आगरा, मथुरा, झांसी, गोरखपुर, बलिया, देवरिया और सोनभद्र समेत कई जिलों में भारी बारिश तथा 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफान का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग का कहना है कि पूर्वी और पश्चिमी यूपी, दोनों हिस्सों में तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने की घटनाएं बढ़ सकती हैं। लखनऊ में तापमान गिरने के संकेत हैं, लेकिन उमस बनी रह सकती है।

बिहार में वज्रपात और तेज तूफान का खतरा

बिहार के कई जिलों में मौसम विभाग ने भारी बारिश और आकाशीय बिजली की चेतावनी दी है। पटना, गया, दरभंगा, समस्तीपुर, पूर्णिया और कटिहार समेत कई जिलों में 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। राज्य में मानसून की सक्रियता बढ़ रही है, जिसके चलते अगले कुछ दिनों में बारिश का दायरा और बढ़ सकता है। प्रशासन ने लोगों से पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की अपील की है।

झारखंड में मानसून की एंट्री का इंतजार खत्म

झारखंड में मौसम तेजी से बदल रहा है। रांची, दुमका, देवघर और सिंहभूम के कई इलाकों में भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले कुछ घंटों में मानसून झारखंड में प्रवेश कर सकता है, जिसके बाद लगातार बारिश का दौर शुरू होगा। राज्य में तापमान गिरेगा, लेकिन कई इलाकों में जलभराव की समस्या भी बढ़ सकती है।

पश्चिम बंगाल में काले बादलों का कब्जा

पश्चिम बंगाल में मानसूनी बादलों ने डेरा जमाना शुरू कर दिया है। कोलकाता समेत कई जिलों में भारी बारिश और 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। अलीपुरद्वार, कलिम्पोंग, हुगली और पश्चिमी मेदिनीपुर के लिए मौसम विभाग ने विशेष चेतावनी जारी की है। कई इलाकों में बिजली गिरने और जलभराव की आशंका जताई गई है।

राजस्थान में धूल भरी आंधी का खतरा

राजस्थान में भी मौसम अचानक आक्रामक हो सकता है। जयपुर, कोटा, अजमेर, अलवर और बीकानेर समेत कई जिलों में तेज आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार 60 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। रेतीले इलाकों में धूल भरी आंधी से दृश्यता कम होने का खतरा भी बना रहेगा।

मध्य प्रदेश में बदलने लगा मिजाज

मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर, जबलपुर और विदिशा समेत कई जिलों में तेज बारिश और तूफान की चेतावनी जारी की गई है। राज्य में अगले 48 घंटे के दौरान मौसम पूरी तरह बदल सकता है और कई इलाकों में ओलावृष्टि की भी संभावना है। मौसम विभाग का कहना है कि मानसून की आगे बढ़ती गतिविधियों का असर अब मध्य भारत में साफ दिखाई देने लगा है।

पंजाब-हरियाणा में चक्रवाती असर

पंजाब और हरियाणा में साइक्लोनिक सर्कुलेशन का असर दिखने लगा है। पटियाला, लुधियाना, अमृतसर और गुरदासपुर में भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है। हरियाणा के कई हिस्सों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को फसलों की सुरक्षा के पहले से इंतजाम करने की सलाह दी है, जबकि कई जिलों में प्रशासन ने इमरजेंसी टीमों को तैनात कर दिया है।

पहाड़ों पर खतरे की घंटी

उत्तराखंड के देहरादून, नैनीताल और चमोली में भारी बारिश का अलर्ट है और पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है। मौसम विभाग ने यात्रियों और तीर्थयात्रियों को सतर्क रहने की सलाह दी है। हिमाचल प्रदेश के शिमला, कुल्लू, मंडी और कांगड़ा में 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। मनाली समेत ऊंचाई वाले इलाकों में तापमान गिरेगा, लेकिन तेज बारिश मुसीबत बढ़ा सकती है। जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर, पुलवामा, राजौरी और किश्तवाड़ में भी मौसम बिगड़ सकता है, जिससे सड़क और हवाई यातायात प्रभावित होने की आशंका है।

पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में मानसून का जोर

असम, मेघालय, त्रिपुरा और अरुणाचल प्रदेश में मानसून पूरी ताकत के साथ सक्रिय हो गया है। कई इलाकों में मूसलाधार बारिश और 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, और मौसम विभाग ने बाढ़ तथा भूस्खलन की चेतावनी भी जारी की है। वहीं केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और तेलंगाना में मानसून सक्रिय बना हुआ है तथा कोंकण, गोवा और महाराष्ट्र में भी अच्छी बारिश हो रही है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक दक्षिण भारत में यह सिलसिला जारी रहेगा।

मानसून अभी कहां तक पहुंचा?

दक्षिण भारत में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और अब इसका असर महाराष्ट्र, गोवा तथा पूर्वी भारत की ओर तेजी से बढ़ रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 48 घंटों में झारखंड और आसपास के इलाकों में मानसून प्रवेश कर सकता है, जिसके बाद उत्तर भारत के मौसम में और बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। फिलहाल बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और पूर्वोत्तर राज्यों में मानसूनी गतिविधियां तेज हो रही हैं।

13 राज्यों में अलर्ट क्यों?

IMD के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ, साइक्लोनिक सर्कुलेशन और मानसून की सक्रियता एक साथ असर दिखा रहे हैं। इसी वजह से उत्तर और पूर्वी भारत के कई राज्यों में भारी बारिश, तेज हवाएं और बिजली गिरने की संभावना बढ़ गई है। दिल्ली और यूपी में 70 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक की हवाओं की चेतावनी दी गई है, जिससे पेड़ गिरने, बिजली बाधित होने और सड़क यातायात प्रभावित होने का खतरा है। किसानों के लिए तेज हवाएं, ओलावृष्टि और आकाशीय बिजली सबसे बड़ा खतरा हैं, जिससे खड़ी फसलों को नुकसान और खेतों में जलभराव हो सकता है। हालांकि बारिश और तेज हवाओं के कारण कई राज्यों में तापमान गिरेगा और अगले कुछ दिनों में लू से राहत मिलने की उम्मीद है, हालांकि कुछ जगहों पर उमस बढ़ सकती है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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