डिंडौरी के युवा का कमाल: घर के छोटे से कमरे में तैयार किया अत्याधुनिक एआई ह्यूमनॉइड रोबोट मध्य प्रदेश एक महीने पहले 65
मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले के रहने वाले शिवम साहू ने सीमित संसाधनों के बीच घर पर ही एआई तकनीक से लैस एक उन्नत ह्यूमनॉइड रोबोट बनाकर सबको चौंका दिया है।

ग्रामीण परिवेश में तकनीकी नवाचार

मध्यप्रदेश के आदिवासी बहुल जिले डिंडौरी के अंतर्गत आने वाले शहपुरा विकासखंड के करौंदी गांव से एक प्रेरणादायक कहानी सामने आई है। यहाँ के रहने वाले होनहार युवा नवप्रवर्तक शिवम साहू ने अपनी मेहनत और बुद्धिमत्ता के दम पर तकनीक की दुनिया में एक बड़ा कीर्तिमान स्थापित किया है। शिवम ने अपने घर के एक सामान्य से कमरे को आधुनिक एआई लैब में परिवर्तित कर दिया है और वहां एक ऐसा ह्यूमनॉइड रोबोट तैयार किया है, जो पूरी तरह से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI पर आधारित है। यह रोबोट न केवल हिंदी और अंग्रेजी बल्कि अन्य कई भाषाओं में भी लोगों से बातचीत कर सकता है और वॉइस कमांड को बखूबी समझने की क्षमता रखता है। इस रोबोट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह किसी रटे-रटाए जवाब तक सीमित नहीं है, बल्कि एआई तकनीक का उपयोग करके सवालों का विश्लेषण करता है और उसके बाद सही उत्तर देता है। इस अनोखे अविष्कार को देखने के लिए स्थानीय लोग बड़ी संख्या में करौंदी पहुंच रहे हैं।

1 लाख रुपये की लागत से तैयार हुआ रोबोट

शिवम ने बताया कि इस प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने में अब तक लगभग 1 लाख रुपये का खर्च आया है। उन्होंने कुछ जरूरी तकनीकी उपकरणों को ऑनलाइन मंगाया, जबकि कई हिस्सों को खुद ही डिजाइन करके विकसित किया है। संसाधनों की भारी कमी के बावजूद शिवम ने हार नहीं मानी और लगातार सुधार करते हुए इसे वर्तमान स्वरूप प्रदान किया है। शिवम ने जबलपुर के ज्ञानगंगा इंजीनियरिंग कॉलेज से बीटेक की पढ़ाई पूरी की है। इंजीनियरिंग के दिनों से ही उनकी रुचि रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रति विकसित हो गई थी। अपनी शिक्षा के बाद पारंपरिक नौकरी करने के बजाय उन्होंने शोध और नवाचार के कठिन मार्ग को चुना। इससे पहले भी वह ड्रोन और कमांड पर आधारित रोबोट बनाने जैसे प्रयोग कर चुके हैं।

भविष्य के लिए बड़े लक्ष्य

शिवम साहू का लक्ष्य केवल एक रोबोट बनाना नहीं है, बल्कि वह ऐसे स्वदेशी एआई रोबोट विकसित करना चाहते हैं जो शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, रक्षा, सुरक्षा, औद्योगिक कार्यों और आपदा प्रबंधन जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में उपयोगी साबित हो सकें। उनका मानना है कि अगर ग्रामीण इलाकों के युवाओं को सही दिशा में मार्गदर्शन और आर्थिक मदद मिल जाए, तो वे दुनिया को टक्कर देने वाली तकनीक बना सकते हैं। तकनीकी विशेषज्ञ मानते हैं कि डिंडौरी जैसे सुदूर ग्रामीण इलाके से इस तरह का एडवांस ह्यूमनॉइड रोबोट सामने आना पूरे मध्य प्रदेश के लिए गर्व की बात है। शिवम की यह सफलता साबित करती है कि नवाचार के लिए संसाधनों से ज्यादा संकल्प और कड़ी मेहनत की जरूरत होती है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप