उत्तर दमदम नगरपालिका में बड़ी बगावत, 35 में से 21 पार्षदों और चेयरमैन ने दिया इस्तीफा पश्चिम बंगाल एक महीने पहले 28
नॉर्थ 24 परगना की उत्तर दमदम नगरपालिका के 35 में से 21 पार्षदों के साथ अध्यक्ष बिधान बिस्वास ने भी इस्तीफा दे दिया है। विधानसभा चुनाव में टीएमसी की हार को इसकी वजह बताया जा रहा है।

उत्तर 24 परगना: पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस को एक के बाद एक झटके लग रहे हैं। पहले विधानसभा में विधायकों ने बगावत का झंडा उठाया और अब सांसद भी बागी तेवर दिखा रहे हैं। इसी कड़ी में नॉर्थ 24 परगना जिले की उत्तर दमदम नगरपालिका से बड़ी खबर आई है, जहां कुल 35 पार्षदों में से 21 ने अपने पद से इस्तीफा सौंप दिया है। इनके साथ ही नगरपालिका अध्यक्ष बिधान बिस्वास ने भी अपना इस्तीफा दे दिया है।

इस सामूहिक इस्तीफे के पीछे राज्य विधानसभा चुनावों में टीएमसी को मिली करारी हार बताई जा रही है। पार्षदों का कहना है कि उन्होंने जनता की अस्वीकृति की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए यह कदम उठाया है। राजनीतिक हलकों में इसे पार्टी के लिए एक और बड़ा आघात माना जा रहा है।

हर मोर्चे पर बिखरती दिख रही पार्टी

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इस समय चारों ओर से घिरी नजर आ रही हैं। एक ओर वे इंडी अलायंस की बैठकों में व्यस्त रहीं और दूसरी ओर उनकी अपनी पार्टी भीतर ही भीतर बिखरती चली गई। हालात ऐसे बन गए कि उनके हाथ लगभग खाली रह गए। सबसे पहले विधायकों ने मोर्चा खोला—80 में से 60 विधायकों ने ममता बनर्जी को किनारे करते हुए अपना अलग नेता विपक्ष चुन लिया। संख्या के लिहाज से देखें तो असली टीएमसी अब ममता के पाले में नहीं बची।

राज्यसभा में भी झटका लगा, जहां 13 में से 2 सांसदों ने इस्तीफा दे दिया। लोकसभा में स्थिति और भी कठिन हो गई, जहां पार्टी के 28 में से 20 सांसद बागी हो गए। इन सांसदों ने स्पीकर को पत्र लिखकर नया गुट बनाने की तैयारी भी कर ली है।

बैठक के बाद नए गुट पर लगी मुहर

सोमवार को दिन में टीएमसी के बागी सांसदों ने बीजेपी नेता भूपेंद्र यादव के आवास पर बैठक की, जिसके बाद पार्टी में नया गुट खड़ा करने पर सहमति बन गई। आंकड़ों पर गौर करें तो लोकसभा में टीएमसी के 28 सांसद हैं और दो-तिहाई का आंकड़ा 18 बैठता है। ऐसे में बागी सांसदों के पास खुद को असली टीएमसी साबित करने के लिए आवश्यकता से अधिक संख्या मौजूद है।

इन सांसदों ने थामी बगावत की राह

बगावत करने वाले सांसदों में बारासात से काकोली घोष, हावड़ा से प्रसून बनर्जी, बीरभूम से शताब्दी रॉय, बोलपुर से असित मल, मथुरापुर से बापी हलदर, मेदिनीपुर से जून मालिया, कूचबिहार से जगदीश बसुनिया, बांकुरा से अरुप चक्रवर्ती, बैरकपुर से पार्थ भौमिक और बर्धमान पूर्व से शर्मिला सरकार शामिल हैं। अब इसमें कोई संदेह नहीं रह गया है कि पार्टी पूरी तरह बिखर चुकी है और खुद टीएमसी नेता भी इस सच्चाई को स्वीकार कर रहे हैं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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