उपनाम: दूध उत्पादन
गर्मी में 40 डिग्री से ज्यादा तापमान बढ़ाता है पशुओं पर खतरा, जानें बचाव के आसान तरीके
लगातार बढ़ते तापमान और हीट वेव का असर दुधारू पशुओं की सेहत और दूध उत्पादन दोनों पर पड़ सकता है। पशु चिकित्सकों के अनुसार समय पर पानी, छांव, स्नान और संतुलित आहार जैसी छोटी सावधानियां अपनाकर पशुओं को गर्मी से बचाया जा सकता है।
देसी गाय की बेहतरीन नस्लें: कम चारे और कड़ी धूप में भी बाल्टी भरकर दूध देंगी ये गायें, समझें थारपारकर-साहीवाल की खूबियां
थारपारकर, साहीवाल, गिर, लाल सिंधी, राठी और कांकरेज जैसी देसी नस्लें भीषण गर्मी और सीमित चारे में भी रोज़ 10 से 20 लीटर तक दूध देकर पशुपालकों के लिए वरदान बन रही हैं। इनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता और गर्मी झेलने की ताकत इन्हें डेयरी किसानों की पहली पसंद बनाती...
क्या आपकी गाय-भैंस अचानक कम दूध दे रही हैं? गर्मी हो सकती है वजह, जानें बचाव के आसान तरीके
भीषण गर्मी और लू का असर सिर्फ इंसानों पर नहीं, पशुओं की सेहत पर भी पड़ता है और उन्हें हीट स्ट्रेस का खतरा रहता है। विशेषज्ञ के बताए कुछ आसान उपाय अपनाकर पशुओं को स्वस्थ और दूध उत्पादन को बेहतर रखा जा सकता है।
पशुओं के लिए वरदान बनी ये हरी चरी, सेहत होगी मजबूत और बढ़ेगा दूध उत्पादन
उत्तर प्रदेश के रामपुर के पशुपालक रईस अहमद ने SSH-400 ज्वार चरी अपनाई है, जो पौष्टिक होने के साथ रोजाना 1 लीटर तक दूध उत्पादन बढ़ाती है और महंगे भूसे का खर्च बचाती है।
पशुपालक रहें सतर्क! भीषण गर्मी में बीमार हो सकते हैं गाय-भैंस, इन संकेतों को पहचानें और अपनाएं घरेलू उपाय
अप्रैल से अक्टूबर के बीच बढ़ता तापमान पशुओं में हीट स्ट्रेस का कारण बन सकता है। समय रहते लक्षण पहचानकर छाया, स्वच्छ पानी और देसी उपायों से गाय-भैंस को राहत दी जा सकती है।
बरसात में हरे चारे की कमी होगी दूर, जून में लगाएं नेपियर घास; 3-4 साल तक कटाई के साथ बढ़ेगा दूध उत्पादन!
नेपियर घास बरसात के मौसम में दुधारू पशुओं के लिए हरे चारे का भरोसेमंद विकल्प है। जून में एक बार बुआई करने पर इससे तीन से चार साल तक पौष्टिक हरा चारा मिलता रहता है और दूध उत्पादन में बढ़ोतरी होती है।