उपनाम: देसी रसोई
भरतपुर के गांवों में आज भी बरकरार है चूल्हे पर खाना पकाने की परंपरा
आधुनिक युग में गैस चूल्हों के बढ़ते चलन के बावजूद भरतपुर के कई इलाकों में मिट्टी और गोबर से बने चूल्हों पर भोजन पकाने का रिवाज अब भी कायम है।
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एक महीने पहले
फाइबर, आयरन और कैल्शियम का खजाना: थकान मिटाए और पाचन सुधारे यह देसी सब्जी, स्वाद ऐसा कि नॉनवेज भूल जाएंगे
छत्तीसगढ़ की पारंपरिक सब्जी जिमी कांदा, जिसे सुरन या ओल भी कहते हैं, गर्मियों में स्वाद और सेहत दोनों का बेहतरीन मेल मानी जाती है। देसी मसालों में बनी इसकी रेसिपी का स्वाद चखने के बाद लोग नॉनवेज तक भूल जाते हैं।
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2 महीने पहले