उपनाम: पारंपरिक खेती
झारखंड का खास कोड़ी का तेल: महुआ के बीजों से तैयार होता है यह शुद्ध और दुर्लभ देसी उत्पाद
झारखंड के वनों में पाए जाने वाले महुआ के बीजों से पारंपरिक तरीके से निकाला जाने वाला तेल स्वाद और शुद्धता के लिए मशहूर है, जिसे स्थानीय लोग कोड़ी का तेल कहते हैं।
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17 घंटे पहले
महुआ की गुल्ली बनी आदिवासियों का सहारा, बालाघाट के जंगलों में चमगादड़ों की मदद से चलता है हजारों परिवारों का चूल्हा
मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में मानसून की दस्तक के साथ ही आदिवासी समुदाय के लोग महुआ के फल यानी गुल्ली को इकट्ठा करने में जुट जाते हैं, जिससे उनकी अच्छी कमाई होती है।
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3 सप्ताह पहले
गेहूं-धान को कहा अलविदा, कटहल की बागवानी से किसान कमा रहे हर महीने 1 लाख रुपये.. जानें तरीका
फरीदाबाद के फतेहपुर बिल्लौच गांव के किसान मुकेश कुमार ने पारंपरिक खेती छोड़कर एक एकड़ में कटहल की बागवानी अपनाई और अब हर महीने करीब 1 लाख रुपये तक कमा रहे हैं। पूरी तरह ऑर्गेनिक तरीके से की जा रही यह खेती आसपास के किसानों के लिए मिसाल बन गई है।
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एक महीने पहले