उपनाम: पानी की बचत
खेती में लागत घटाने और पानी बचाने के लिए बेहद मददगार है मल्चिंग तकनीक, जानें इसके शानदार फायदे
मल्चिंग तकनीक अपनाकर किसान फसलों की सिंचाई में 50 प्रतिशत तक पानी बचा सकते हैं और खरपतवार नियंत्रण के साथ-साथ मजदूरी के खर्च को भी कम कर सकते हैं।
आधुनिक खेती का नया सारथी: लेजर लैंड लेवलर मशीन से पानी की बचत के साथ पैदावार में बंपर इजाफा, जानें लागत और फायदे
बिहार के शिवहर में लेजर लैंड लेवलर मशीन किसानों के लिए बेहद लाभकारी साबित हो रही है, जिससे सिंचाई के पानी में भारी बचत होने के साथ ही फसलों की पैदावार में 15 प्रतिशत तक की वृद्धि हो रही है।
पानी की बचत और कम खर्च: धान की सीधी बिजाई की इस योजना का लाभ उठाने के लिए किसानों के पास बचा है थोड़ा ही समय
हरियाणा में गिरते भू-जल स्तर और बढ़ती खेती लागत को देखते हुए कृषि विभाग किसानों को धान की सीधी बिजाई (डीएसआर) तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित कर रहा है, जिस पर 4500 रुपये प्रति एकड़ की सहायता दी जा रही है। अनुदान के लिए पंजीकरण की अंतिम तिथि 15 जून है।
बाड़मेर में रेलवे की जल संरक्षण पहल: लॉन्ड्री का पानी अब दोबारा बनेगा उपयोगी
बाड़मेर के रेगिस्तानी इलाके में रेलवे ने उत्तर पश्चिम रेलवे का पहला वॉटर रीसाइक्लिंग प्लांट शुरू किया है, जहाँ लॉन्ड्री का इस्तेमाल किया गया पानी ट्रीटमेंट के बाद दोबारा काम आएगा।
कम बारिश वाले इलाकों में अपनाएं धान की सीधी बुवाई, बचेगा पैसा, समय और मेहनत
धान की सीधी बुवाई (डीएसआर) विधि कम बारिश वाले इलाकों के किसानों के लिए फायदेमंद मानी जा रही है, इसमें पारंपरिक रोपनी की तुलना में लागत 40 फीसदी कम आती है और 30% तक पानी की बचत होती है।