उपनाम: नेपियर घास
पशुपालकों के लिए वरदान है नेपियर घास, गन्ने जैसी खेती से सालभर मिलेगा हरा चारा और बढ़ेगा दूध
छपरा के एक किसान ने नेपियर घास की खेती अपनाकर न केवल पशुओं के चारे का खर्च घटाया है, बल्कि दुधारू गायों के स्वास्थ्य और दूध उत्पादन में भी शानदार बढ़ोतरी दर्ज की है।
पशुपालकों के लिए वरदान है यह बहुवर्षीय घास, मेड़ पर लगाएं और 5 साल तक पाएं भरपूर दूध और हरा चारा
बिहार के पश्चिम चंपारण के कृषि वैज्ञानिक ने पशुओं के लिए बेहद पौष्टिक और उपयोगी चारे की किस्मों की जानकारी दी है, जिससे पशुओं की दूध उत्पादकता और इम्युनिटी में भारी बढ़ोतरी होगी।
पशुपालकों की मौज: एक बार लगाएं नेपियर घास और 5 साल तक पाएं मुफ्त हरा चारा
नेपियर घास पशुपालन करने वाले किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, क्योंकि एक बार रोपाई के बाद यह वर्षों तक लगातार हरा चारा प्रदान करती है।
बरसात में हरे चारे की कमी होगी दूर, जून में लगाएं नेपियर घास; 3-4 साल तक कटाई के साथ बढ़ेगा दूध उत्पादन!
नेपियर घास बरसात के मौसम में दुधारू पशुओं के लिए हरे चारे का भरोसेमंद विकल्प है। जून में एक बार बुआई करने पर इससे तीन से चार साल तक पौष्टिक हरा चारा मिलता रहता है और दूध उत्पादन में बढ़ोतरी होती है।