उपनाम: मनोविज्ञान
सपने में ऊंचाई से गिरने का क्या है रहस्य, स्वप्न शास्त्र और विज्ञान से जानिए इसका सही मतलब
सोते समय अचानक किसी ऊंचाई या खाई में गिरने का एहसास डरावना हो सकता है। जानिए कि स्वप्न शास्त्र और मनोवैज्ञानिक नजरिए से ऐसे सपनों का हमारे जीवन पर क्या प्रभाव पड़ता है।
रिश्तों की डोर को मजबूत करने के लिए 5 मिनट की बातचीत काफी, गलतफहमियों को जड़ से मिटाएं
रिश्तों में पनपने वाली गलतफहमियां कई बार छोटी सी अनदेखी या बिना सोचे-समझे बनाई गई धारणाओं का परिणाम होती हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि सिर्फ पांच मिनट की स्पष्ट बातचीत और खुलकर अपनी बात कहने की आदत से आप अपने रिश्तों को टूटने से बचा सकते हैं।
खुश रहने की कोशिश में भी नाकाम क्यों हो जाते हैं आप? इन 5 मानसिक संकेतों को पहचानना है जरूरी
जीवन में तमाम सुख-सुविधाएं होने के बावजूद कई लोग आंतरिक खुशी महसूस नहीं कर पाते हैं। मनोविज्ञान के अनुसार, कुछ खास मानसिक पैटर्न और व्यवहार हमारी प्रसन्नता में सबसे बड़ी बाधा बनते हैं, जिन्हें समझकर हम अपनी जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।
पिता क्यों नहीं कह पाते आई लव यू, जानिए इसके पीछे का मनोवैज्ञानिक सच
अक्सर बच्चे पिता की खामोशी को कठोरता समझ लेते हैं, लेकिन इसके पीछे की मनोवैज्ञानिक वजह कुछ और ही है। आइए जानते हैं कि पिता के प्यार जताने का तरीका आखिर क्या होता है।
टॉक्सिक लोगों की तरफ क्यों खिंचे चले आते हैं आप? जानें रिश्तों के पीछे छिपा मनोवैज्ञानिक खेल
अक्सर लोग जानते हुए भी कि कोई रिश्ता नुकसानदेह है, उसकी ओर आकर्षित होते रहते हैं। इसके पीछे का मनोविज्ञान हमारे बचपन के अनुभवों और भावनात्मक जरूरतों से जुड़ा होता है।
उम्र तो बढ़ती गई पर समझ अटकी रही..जानें-माने मनोवैज्ञानिक ने समझाया क्या होता है डेवलपमेंटल डिले
मनोवैज्ञानिक इंजीनियर आर. शंकर के अनुसार डेवलपमेंटल डिले में बच्चे का मानसिक विकास उसकी उम्र के अनुरूप नहीं हो पाता, और समय पर पहचान ही इलाज की पहली शर्त है।
नए दोस्त बनाना लगता है मुश्किल? जानिए वो 4 मनोवैज्ञानिक वजहें जो रखती हैं आपको अकेला, और सोशल सर्कल बढ़ाने के तरीके
इंसान सामाजिक प्राणी है, फिर भी कई लोगों के लिए नए दोस्त बनाना और रिश्ते निभाना बेहद कठिन लगता है। इसके पीछे आपकी कोई कमी नहीं, बल्कि कुछ गहरे मनोवैज्ञानिक कारण छिपे होते हैं।
OPINION: जिम ट्रेनर के प्यार में बदला आस्था का रंग, पर क्या ब्रेनवॉश से कोई अपनी पहचान सच में मिटा सकता है? जानिए मनोवैज्ञानिक सच
शामली में एक हिन्दू युवक के धर्म परिवर्तन ने सवाल खड़े कर दिए हैं। पर क्या हिन्दू-मुसलमान के नज़रिये से हटकर देखें तो यह असल में गैसलाइटिंग और कोर्सिव कंट्रोल का मनोवैज्ञानिक मामला है?
क्या भूत-प्रेत वाकई होते हैं या यह सिर्फ दिमाग की उपज है? मनोवैज्ञानिक की चौंकाने वाली व्याख्या
मनोवैज्ञानिक इंजीनियर आर शंकर के अनुसार भूत दिखने के दावे असल में हैलुसिनेशन हैं, जो शिजोफ्रेनिया, बाइपोलर डिसऑर्डर और PTSD जैसी मानसिक बीमारियों से जुड़े होते हैं।
क्या आप भी रातभर जागते रहते हैं? यह आदत आपके व्यक्तित्व के बारे में देती है कई संकेत
कुछ लोग शौक से तो कुछ मजबूरी में देर रात तक जागते हैं। मनोविज्ञान के मुताबिक यह आदत व्यक्ति की सोच, जीवनशैली और बॉडी क्लॉक से गहराई से जुड़ी होती है।