उपनाम: लवकुश नगर
गुलाब लच्छी की मिठास और छिद्दू अनुरागी का संघर्ष, मजदूरी छोड़ ऐसे बने सफल कारोबारी
छतरपुर के रहने वाले छिद्दू अनुरागी पिछले 25 वर्षों से हाथों से बनी गुलाब लच्छी बेचकर न केवल अपना परिवार चला रहे हैं, बल्कि इस हुनर के दम पर उन्होंने अपनी आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिखी है।
हर तीन साल में एक माह तक अखंड सीताराम धुन, छतरपुर की बंबरबेनी पहाड़ी पर सदियों पुरानी परंपरा
छतरपुर जिले के लवकुश नगर स्थित मां बंबरबेनी की पहाड़ी पर हर 3 साल में पूरे 1 महीने तक दिन-रात अखंड सीताराम धुन कीर्तन होता है। मान्यता है कि यह धुन शहर की रक्षा करती है और अच्छी बारिश कराती है।
रोजाना 25 रोटी और 2 लीटर दूध, 74 की उम्र में भी युवाओं जैसी फिटनेस का राज क्या है
छतरपुर जिले के लवकुश नगर के पूर्व पहलवान 74 वर्षीय रामनरेश पटवा आज भी पूरी तरह सेहतमंद हैं। सादा खानपान, नियमित रियाज और अनुशासित दिनचर्या को वे अपनी मजबूत फिटनेस का राज बताते हैं।
छतरपुर की उर्मिल नदी का त्रेतायुग से नाता, बहन सीता से मिलने नदी रूप में आई थीं उर्मिला; जानें लोकमान्यता
छतरपुर जिले की उर्मिल नदी का असली नाम उर्मिला नदी था और लोकमान्यता के अनुसार यह नदी माता सीता की छोटी बहन उर्मिला का रूप मानी जाती है, जिसका संबंध त्रेतायुग से जोड़ा जाता है।
मंदिर बनते ही टूट जाती है छत! 500 साल पुराने माता धाम का अनोखा रहस्य, जानें मान्यता
छतरपुर जिले के लवकुश नगर स्थित हंसारी गांव की पहाड़ी पर मां हंसा देवी का 500 साल से भी पुराना प्राचीन स्थान है, जहां मान्यता है कि देवी कभी छत के नीचे नहीं रहतीं और गांव की हर संकट से रक्षा करती हैं।