उपनाम: लंगड़ा बुखार
मानसून में पशुपालक रहें सतर्क, इन दो जानलेवा बीमारियों से बचा सकते हैं अपने दुधारू पशु
मानसून का आगमन पशुओं में गलघोंटू और लंगड़ा बुखार जैसी संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ा देता है, जो समय पर इलाज न मिलने पर पशु की जान ले सकती हैं। सतना के पशु चिकित्सक ने इन रोगों से बचाव के लिए टीकाकरण और सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
बरसात में पशुओं पर मंडराया बीमारियों का खतरा: गलाघोटू से 24 घंटे में मौत, लंगड़ा बुखार और खुरपका-मुंहपका भी घातक; जानिए लक्षण और बचाव
बरसात के मौसम में नमी, कीचड़ और दूषित पानी के कारण पशुओं में संक्रमण तेजी से फैलता है। गलाघोटू जैसी बीमारी तो 24 घंटे के भीतर पशु की जान ले सकती है, जिससे पशुपालकों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
पशुपालक ध्यान दें! बारिश आते ही करा लें यह जरूरी टीकाकरण, वरना घेर सकती हैं ये 3 खतरनाक बीमारियां
बोकारो के पशु चिकित्सक डॉ. अनिल कुमार के अनुसार बरसात में गलाघोटू, लंगड़ा बुखार और खुरपका-मुंहपका रोग का खतरा बढ़ जाता है, जिनसे पशुओं की मौत और दूध उत्पादन में गिरावट हो सकती है। इनसे बचाव के लिए समय रहते टीकाकरण जरूरी है।