उपनाम: झारखंड संस्कृति
मधु मंसूरी हंसमुख: जिन्होंने घर में सीखी संगीत की बारीकियां और लिख डाले 300 से अधिक गीत
झारखंड के मशहूर गीतकार मधु मंसूरी हंसमुख को नागपुरी गीतों का राजकुमार कहा जाता है। पद्मश्री से सम्मानित इस कलाकार ने बिना किसी औपचारिक प्रशिक्षण के 300 से अधिक गीतों की रचना की है जो जल, जंगल और जमीन बचाने के आंदोलनों की आवाज बने हैं।
पद्म श्री मुकुंद नायक: अभावों में पला बढ़ा, नागपुरी संगीत से दुनिया भर में बनाई अपनी अलग पहचान
झारखंड के प्रसिद्ध लोक कलाकार मुकुंद नायक ने अपनी मेहनत और नागपुरी संगीत के प्रति समर्पण से न केवल देश में, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी अपनी पहचान बनाई है।
झारखंड के पलामू में आज भी जीवित है धान रोपनी के लोकगीतों की परंपरा, देवताओं की आराधना के साथ खेतों में गूंजते हैं सुर
झारखंड के पलामू जिले में धान की रोपाई के दौरान महिलाओं द्वारा गाए जाने वाले पारंपरिक लोकगीत न केवल कृषि कार्य की थकान मिटाते हैं, बल्कि हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को भी जीवंत रखते हैं।
आदिवासी परंपरा से सीखें सेहत का मंत्र, इन 5 मसालों से बनती है खास आयुर्वेदिक चाय
झारखंड के आदिवासी इलाकों में मशहूर यह हर्बल चाय दूध के बिना तैयार की जाती है और सेहत के लिहाज से इसे बेहद फायदेमंद माना जाता है। जानिए इसे बनाने की आसान विधि।