उपनाम: जूट बैग
नमक-रोटी से अमेरिका तक का सफर: रांची की ललिता देवी ने जूट बैग और सोहराई पेंटिंग से लिखी कामयाबी की नई कहानी, हर महीने लाखों की कमाई
रांची की ललिता देवी कभी नमक-रोटी के लिए भी मोहताज थीं, लेकिन हाथ से बनाए जूट बैग और सोहराई पेंटिंग ने उनकी जिंदगी बदल दी। आज उनके ग्राहक देशभर में फैले हैं और वे महीने में लाखों रुपये की कमाई करती हैं।
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एक महीने पहले
सक्सेस स्टोरी: 'कभी नमक-रोटी के पड़ते थे लाले, अब थाली में सजता है पनीर', रांची की ललिता देवी का संघर्ष से सफलता तक का सफर
रांची की ललिता देवी जूट के बैग और सोहराई पेंटिंग के दम पर आत्मनिर्भर बनीं। ट्राइब्स इंडिया और झारक्राफ्ट के सहयोग से वह देशभर में स्टॉल लगाकर अच्छी कमाई कर रही हैं।
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एक महीने पहले