उपनाम: हिंदू धर्म
पितृपक्ष 2026: 25 या 26 सितंबर कब से शुरू हो रहा श्राद्ध, जानिए सही तारीख और महत्व
पितृपक्ष के दौरान पूर्वजों के प्रति श्रद्धा अर्पित की जाती है। जानिए 2026 में पितृपक्ष की सटीक शुरुआत और इससे जुड़ी महत्वपूर्ण तिथियों का पूरा विवरण।
कुशाग्रहणी अमावस्या: साल भर के पितृ कार्यों के लिए क्यों खास है इस दिन की कुशा, जानें उखाड़ने की सही विधि
भाद्रपद अमावस्या को कुशाग्रहणी अमावस्या के रूप में जाना जाता है, जिसमें साल भर के धार्मिक और पितृ कार्यों के लिए कुशा घास को जड़ से उखाड़ने की विशेष परंपरा है। जानें ज्योतिषाचार्य से इसके महत्व, शुभ समय और विधि-विधान के बारे में।
पेरिस में लहराया भारतीय संस्कृति का परचम, भव्य हिंदू मंदिर में संपन्न हुई प्राण प्रतिष्ठा
फ्रांस की राजधानी पेरिस में देश के पहले पारंपरिक हिंदू मंदिर का भव्य उद्घाटन हुआ, जिसे 1970 में लिए गए संकल्प के पूर्ण होने के रूप में देखा जा रहा है। इस ऐतिहासिक आयोजन में दुनियाभर से आए हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया और मंत्रोच्चार के बीच देवी-देवताओं क...
अजा एकादशी 2026: इस शुभ तिथि पर करें व्रत और कथा का पाठ, मिट जाएंगे सभी कष्ट
भाद्रपद मास की अजा एकादशी का विशेष महत्व है, इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और पौराणिक कथा का श्रवण करने से जीवन में सुख और समृद्धि का संचार होता है।
अजा एकादशी व्रत: विष्णु भगवान के साथ एकादशी माता की आरती करने से मिलेगा पूजा का पूर्ण फल
आज अजा एकादशी का पावन पर्व मनाया जा रहा है। व्रत का पूर्ण फल और ईश्वर की विशेष कृपा प्राप्त करने के लिए भगवान विष्णु के साथ एकादशी माता की आरती करना बेहद आवश्यक है।
Janmashtami Vrat 2026: जन्माष्टमी पर व्रत का संकल्प क्यों है जरूरी, जानें पूजा की सही विधि और शुभ मुहूर्त
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व पर व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं के लिए पूजा में संकल्प का विशेष महत्व बताया गया है। आइए जानते हैं कि इस वर्ष 4 सितंबर 2026 को मनाई जाने वाली जन्माष्टमी पर कान्हा की आराधना की सही विधि क्या है।
तमिलनाडु के मंदिरों में स्मार्टफ़ोन पर प्रतिबंध, सरकार ने जारी किए नए नियम
तमिलनाडु के 52 प्रमुख मंदिरों में अब स्मार्टफ़ोन ले जाने पर रोक लगा दी गई है, जिसका उद्देश्य आध्यात्मिक गरिमा बनाए रखना है। श्रद्धालुओं को अपने फोन मंदिर के बाहर जमा करने होंगे और इसके लिए 5 रुपये का शुल्क देना होगा।
दुनिया की भलाई के लिए हिंदुओं का जागना जरूरी, टोरंटो में बोले मोहन भागवत
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कनाडा के टोरंटो में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भारत की परंपरा और डीएनए में दूसरों की मदद करना शामिल है, और हिंदू धर्म पूरी दुनिया को एक परिवार मानता है।
कनाडा में मोहन भागवत का बड़ा बयान: हिंदू सबको स्वीकार करते हैं, हम मानवता को एक मानते हैं
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने टोरंटो में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हिंदू धर्म किसी एक पूजा पद्धति तक सीमित नहीं है और हम पूरी दुनिया को एक परिवार मानते हैं।
रक्षाबंधन के बाद राखी का क्या करें और इसे कब उतारें? कलाई से रक्षासूत्र हटाने के सटीक नियम
रक्षाबंधन पर कलाई पर बांधे गए पवित्र रक्षासूत्र को उतारने की एक निश्चित विधि और समय होता है, जिसे अपनाना बेहद जरूरी माना गया है।
रक्षाबंधन 2026: त्योहार पर भाई-बहन किस तरह के कपड़े पहनें, शास्त्रों के अनुसार जानें सही नियम
रक्षाबंधन के पवित्र मौके पर भाई-बहन को कपड़ों के चयन में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। बीएचयू के विशेषज्ञों के अनुसार, इस दिन पारंपरिक और सात्विक वेशभूषा पहनना त्योहार की शुभता को बढ़ाता है।
रक्षाबंधन 2026: क्या आपको सोने या चांदी की राखी बांधनी चाहिए? जानिए शास्त्र और परंपरा से जुड़े जरूरी नियम
रक्षाबंधन के पावन पर्व पर राखी का चयन करते समय कुछ धार्मिक मान्यताओं और नियमों का पालन करना बहुत आवश्यक है। जानें क्यों सोने या चांदी की राखी बांधते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए और रक्षासूत्र का महत्व क्या है।
श्रावण पुत्रदा एकादशी: पूजा की तैयारी में न हो कोई कमी, नोट कर लें जरूरी सामग्री की पूरी सूची
श्रावण मास के शुक्ल पक्ष में आने वाली पुत्रदा एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित है। इस दिन संतान सुख और मनोकामना पूर्ति के लिए की जाने वाली पूजा की पूरी सामग्री की जानकारी यहां विस्तार से दी गई है।
आज का पंचांग: 15 अगस्त 2026, हरियाली तीज और स्वतंत्रता दिवस का शुभ संयोग
15 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस के साथ हरियाली तीज का पावन पर्व मनाया जा रहा है। जानिए आज के शुभ मुहूर्त और पंचांग की पूरी जानकारी।
नाग पंचमी पर रोटी क्यों नहीं बनाते और तवा चूल्हे पर क्यों नहीं रखा जाता? जानें इसके पीछे का असली कारण
नाग पंचमी के दिन कई घरों में चूल्हे पर तवा न चढ़ाने और रोटी न बनाने की परंपरा का पालन किया जाता है। जानिए ज्योतिष और लोक मान्यता के अनुसार इसके पीछे की क्या वजह है।