उपनाम: हरी खाद
धान की खेती से पहले अपनाएं ये खास तकनीक, खाद का खर्च होगा कम और मिट्टी बनेगी उपजाऊ
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को धान की रोपाई से पहले हरी खाद वाली फसलें उगाने की सलाह दी है। इससे न केवल रासायनिक खादों पर निर्भरता घटेगी, बल्कि मिट्टी की सेहत में भी सुधार होगा।
गोंडा के पप्पू यादव के लिए 'हरा सोना' बनी मूंग, 40 हजार की लागत से लाखों की कमाई की उम्मीद
उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के प्रगतिशील किसान पप्पू यादव ने मूंग की उन्नत खेती को आमदनी का जरिया बनाया है। कम लागत में तैयार होने वाली इस दलहनी फसल से उन्हें हर सीजन लाखों रुपये की आय की उम्मीद है।
हरी खाद की यह फसल खेत में ही गलाएं, बेजान मिट्टी फिर उगलेगी सोना
ढैंचा की खेती हरी खाद के रूप में मिट्टी में प्राकृतिक नाइट्रोजन और ऑर्गेनिक कार्बन की भरपूर मात्रा जोड़कर बंजर जमीन को उपजाऊ बना देती है, जिससे यूरिया और डीएपी का खर्च आधा हो जाता है।
खेत बचाने की मुहिम: शिवहर में घर-घर पहुंचकर किसानों को सिखाई जा रही जैविक खेती
शिवहर में राष्ट्रीय स्तर पर शुरू हुए 'खेत बचाओ अभियान' के तहत कृषि वैज्ञानिक खुद किसानों के घर पहुंचकर जैविक और प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण दे रहे हैं। यह विशेष अभियान 30 जून तक चलेगा।
धान की खेती की तैयारी: रोपाई से पहले खेत कैसे करें तैयार, जानिए विशेषज्ञ की सलाह से मुनाफे का रास्ता
खरीफ सीजन से पहले धान की बेहतर पैदावार पाने के लिए कृषि वैज्ञानिक ने किसानों को खेत की जुताई, हरी खाद और रोपा पद्धति अपनाने की सलाह दी है। समय रहती नर्सरी तैयार करने और जैविक उपायों से लागत घटने के साथ मिट्टी की ताकत भी बढ़ती है।
मानसून में मोटी कमाई का फॉर्मूला: 15 जून के बाद ही करें सब्जियों की बुवाई, खेत में जरूर डालें हरी खाद
उद्यानिकी वैज्ञानिक डॉ. कमलेश अहिरवार का कहना है कि किसानों को 15 जून के बाद और लगातार मानसूनी बारिश शुरू होने पर ही सब्जियों की बुवाई करनी चाहिए। टमाटर, बैंगन और मिर्च जैसी फसलों के साथ हरी खाद अपनाकर खेत की उपज और मुनाफा दोनों बढ़ाए जा सकते हैं।