उपनाम: हरा चारा
पशुपालकों के लिए वरदान है यह बहुवर्षीय घास, मेड़ पर लगाएं और 5 साल तक पाएं भरपूर दूध और हरा चारा
बिहार के पश्चिम चंपारण के कृषि वैज्ञानिक ने पशुओं के लिए बेहद पौष्टिक और उपयोगी चारे की किस्मों की जानकारी दी है, जिससे पशुओं की दूध उत्पादकता और इम्युनिटी में भारी बढ़ोतरी होगी।
पशुपालकों की मौज: एक बार लगाएं नेपियर घास और 5 साल तक पाएं मुफ्त हरा चारा
नेपियर घास पशुपालन करने वाले किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, क्योंकि एक बार रोपाई के बाद यह वर्षों तक लगातार हरा चारा प्रदान करती है।
दूध में कम फैट की समस्या से परेशान हैं? महंगे सप्लीमेंट की जगह अपनाएं ये प्राकृतिक उपाय, बढ़ेगी पशुपालकों की कमाई
झारखंड के देवघर जिले के पशुपालक दूध में कम फैट की समस्या से जूझ रहे हैं, जिससे उन्हें सही दाम नहीं मिल पा रहा है। देवघर कृषि विज्ञान केंद्र की पशु चिकित्सक डॉ. पूनम सोरेन ने इसके लिए हरे चारे और संतुलित आहार जैसे आसान व किफायती समाधान बताए हैं।
45 डिग्री की भीषण तपिश में भी हरी-भरी रहती है यह घास, जालौर के किसानों-पशुपालकों का बनी सहारा
जालौर के हरमू गांव में मिलने वाली धामण घास 45 डिग्री से अधिक तापमान में भी नहीं सूखती और गर्मियों में हरे चारे की कमी के बीच पशुपालकों व किसानों के लिए जीवनरेखा साबित हो रही है।
क्या आपकी गाय-भैंस अचानक कम दूध दे रही हैं? गर्मी हो सकती है वजह, जानें बचाव के आसान तरीके
भीषण गर्मी और लू का असर सिर्फ इंसानों पर नहीं, पशुओं की सेहत पर भी पड़ता है और उन्हें हीट स्ट्रेस का खतरा रहता है। विशेषज्ञ के बताए कुछ आसान उपाय अपनाकर पशुओं को स्वस्थ और दूध उत्पादन को बेहतर रखा जा सकता है।
पशुओं के लिए वरदान बनी ये हरी चरी, सेहत होगी मजबूत और बढ़ेगा दूध उत्पादन
उत्तर प्रदेश के रामपुर के पशुपालक रईस अहमद ने SSH-400 ज्वार चरी अपनाई है, जो पौष्टिक होने के साथ रोजाना 1 लीटर तक दूध उत्पादन बढ़ाती है और महंगे भूसे का खर्च बचाती है।
बरसात में हरे चारे की कमी होगी दूर, जून में लगाएं नेपियर घास; 3-4 साल तक कटाई के साथ बढ़ेगा दूध उत्पादन!
नेपियर घास बरसात के मौसम में दुधारू पशुओं के लिए हरे चारे का भरोसेमंद विकल्प है। जून में एक बार बुआई करने पर इससे तीन से चार साल तक पौष्टिक हरा चारा मिलता रहता है और दूध उत्पादन में बढ़ोतरी होती है।