उपनाम: ग्राफ्टिंग तकनीक
देहरादून में कुदरत और विज्ञान का अनोखा मेल, 60 साल पुराने आम के पेड़ पर उग रहीं 42 अलग-अलग किस्में
देहरादून के ऐतिहासिक सर्किट हाउस राजकीय उद्यान में ग्राफ्टिंग तकनीक के जरिए एक बूढ़े और बंजर आम के पेड़ को नया जीवन दिया गया है, जिस पर अब चौसा और लंगड़ा समेत 42 किस्मों के आम उग रहे हैं।
खेती में ग्राफ्टिंग विधि क्या है? जिससे दो पौधे बन जाते हैं एक, किसानों के लिए वरदान बन रही नई तकनीक
ग्राफ्टिंग एक ऐसी बागवानी तकनीक है जिसमें दो अलग-अलग पौधों के हिस्सों को जोड़कर एक नया और मजबूत पौधा तैयार किया जाता है। यह पौधों को जल्दी फल देने, बेहतर गुणवत्ता और अधिक रोग प्रतिरोधक क्षमता देने में मदद करती है।
एक ही पेड़ पर 25 किस्म के आम, सीधी के किसान विपिन सिंह की मेहनत देख वैज्ञानिक भी दंग
मध्य प्रदेश के सीधी जिले के विपिन सिंह ने ग्राफ्टिंग और क्रॉस ब्रीडिंग से एक ही पेड़ पर 25 किस्म के आम उगा दिए हैं। 75 डिसमिल जमीन पर तैयार उनके अनोखे बगीचे ने उन्हें इलाके में 'मैंगो मैन' की पहचान दिला दी है।
नींबू का यह पौधा 6 महीने में देने लगता है फल, बिहार के किसान अवधेश का अनोखा प्रयोग, खेती में 14 साल का अनुभव
नालंदा के इस्लामपुर के किसान अवधेश प्रसाद कागजी नींबू पर ग्राफ्टिंग कर ऐसा पौधा तैयार कर रहे हैं जो महज 6 महीने में फल देने लगता है और बाजार में महंगे दाम पर बिकता है।