उपनाम: भारत विभाजन
क्या सुभाषचंद्र बोस के जीवित रहने पर भारत का विभाजन टाला जा सकता था? एक गहन विश्लेषण
भारत के इतिहास में आज भी यह प्रश्न चर्चा का विषय है कि यदि नेताजी सुभाषचंद्र बोस आजादी के समय जीवित होते, तो क्या देश का बंटवारा रुक सकता था। एक पत्रकार की दृष्टि में उनकी धर्मनिरपेक्ष विचारधारा और नेतृत्व क्षमता कैसे राजनीतिक समीकरण बदल सकती थी, जानिए इस...
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एक महीने पहले
11 अगस्त 1947: बीकानेर रियासत के लिए जिन्ना और माउंटबेटन की बिसात, गांधीजी पर उठे थे गंभीर सवाल
देश की आजादी से मात्र चार दिन पहले का दिन उथल-पुथल भरा रहा, जहां एक तरफ बीकानेर के विलय को लेकर राजनीतिक चालें चली जा रही थीं, वहीं दूसरी ओर कोलकाता में महात्मा गांधी पर भेदभाव के आरोप लग रहे थे।
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एक महीने पहले