उपनाम: बिहार शिल्पकला
गया के पत्थरकट्टी गांव में बनती हैं 100 रुपये से 20 लाख तक की मूर्तियां, काले पत्थर ने दिलाई वैश्विक पहचान
बिहार के गया जिले के पत्थरकट्टी गांव में अहिल्याबाई होल्कर के दौर से काले पत्थर की मूर्तिकला फल-फूल रही है। यहां आज भी 3000 से अधिक मूर्तिकार हैं और 100 रुपये से लेकर 20 लाख रुपये तक की मूर्तियां तैयार की जाती हैं।
0
0
0
2 महीने पहले
जापान के संग्रहालय में सराहना, पर अपनी ही माटी पर सिसक रही दरभंगा की टेराकोटा कला
मिथिला की सदियों पुरानी टेराकोटा मूर्तिकला अंतरराष्ट्रीय पहचान के बावजूद घरेलू स्तर पर उपेक्षा झेल रही है। दरभंगा के करीब 400 शिल्पी परिवार आज भी आर्थिक तंगी और सरकारी सहयोग के अभाव से जूझ रहे हैं।
0
0
0
2 महीने पहले