काशी के नमो घाट पर वायुसेना का 'विंग्स ओवर गंगा' एयर शो, पीएम मोदी की उपस्थिति में गूंजी लड़ाकू विमानों की गर्जना राष्ट्रीय राजनीति एक घंटा पहले 4
वाराणसी में भारतीय वायुसेना की 94वीं वर्षगांठ के अवसर पर नमो घाट पर भव्य 'विंग्स ओवर गंगा' एयर शो आयोजित किया गया, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मौजूदगी में राफेल, सुखोई और तेजस ने हैरतअंगेज हवाई करतब दिखाए।

गंगा के तट पर लड़ाकू विमानों का हैरतअंगेज प्रदर्शन

वाराणसी में 25 अक्टूबर 2026 को गंगा नदी के विस्तृत जलक्षेत्र के ऊपर भारतीय वायुसेना की ताकत और पराक्रम का भव्य प्रदर्शन देखने को मिला। नमो घाट पर आयोजित 'विंग्स ओवर गंगा' हवाई प्रदर्शन में वायुसेना के लड़ाकू बेड़े ने अपनी बहुआयामी मारक क्षमता और सटीक तालमेल का मुजाहिरा पेश किया। इस ऐतिहासिक आयोजन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं उपस्थित रहे और गंगा की लहरों के ऊपर गूंजती लड़ाकू विमानों की गर्जना के गवाह बने।

भारतीय वायुसेना के 94 गौरवशाली वर्षों के उपलक्ष्य में आयोजित इस खास कार्यक्रम ने न केवल काशी के निवासियों को अपनी सेना के करीब ला दिया, बल्कि वैश्विक मंच पर भारत की सैन्य तत्परता और हवाई सुरक्षा की क्षमता का भी स्पष्ट संदेश दिया। नमो घाट पर जुटी भीड़ ने आसमान में लड़ाकू विमानों और हेलीकॉप्टरों की तेज रफ्तार, सटीक नियंत्रण और पायलटों की असाधारण दक्षता को देखा।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बताया 'शौर्य और शक्ति का महापर्व'

कार्यक्रम के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत किया। उन्होंने इस भव्य एयर शो को भारतीय वायुसेना के शौर्य और शक्ति का महापर्व करार दिया। राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि काशी की पावन धरती वायुसेना के पराक्रम को देखने के लिए पूरी तरह तैयार है।

रक्षा मंत्री ने वाराणसी को सशक्त, आत्मनिर्भर और नए भारत की उभरती हुई ताकत का एक बड़ा प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि गंगा के ऊपर वायुसेना के लड़ाकू बेड़े की यह गर्जना देश की बढ़ती सैन्य क्षमता और तकनीकी आत्मनिर्भरता को दर्शाती है।

राफेल, सुखोई और स्वदेशी तेजस ने दिखाया दम

आसमान में लड़ाकू जहाजों की गर्जना और उनकी कलाबाजियों ने इस हवाई प्रदर्शन को अत्यंत खास बना दिया। वायुसेना के विभिन्न विमानों और हेलीकॉप्टरों ने अपनी उड़ान क्षमता और तकनीकी कौशल का प्रदर्शन किया। इस एयर शो में आकर्षण का केंद्र रहे प्रमुख विमानों में शामिल थे:

  • राफेल: आधुनिक तकनीक से लैस इस फाइटर जेट ने अपनी गति और हवा में दिशा बदलने की क्षमता का प्रदर्शन किया।
  • सुखोई: विशालकाय सुखोई विमानों ने गंगा के ऊपर बेहद कम ऊंचाई पर उड़ान भरकर और कठिन मोड़ों पर सटीक नियंत्रण दिखाकर लोगों को रोमांचित किया।
  • स्वदेशी तेजस: भारत में निर्मित इस हल्के लड़ाकू विमान ने स्वदेशी रक्षा उत्पादन की ताकत और आधुनिक वैमानिकी कौशल का प्रदर्शन किया।
  • वायुसेना का हेलीकॉप्टर बेड़ा: विभिन्न हेलीकॉप्टरों ने फॉर्मेशन फ्लाइंग और अभियानों में जरूरी आपसी तालमेल का शानदार नजारा पेश किया।

तकनीकी निपुणता और कठोर प्रशिक्षण का प्रदर्शन

हवाई प्रदर्शन केवल दर्शकों के मनोरंजन और रोमांच तक सीमित नहीं होता। ऐसे सार्वजनिक आयोजनों के माध्यम से वायुसेना अपनी उड़ान दक्षता, तकनीकी क्षमता और जटिल हवाई अभियानों के लिए आवश्यक सामरिक तालमेल को सामने लाती है। लड़ाकू विमानों की तेज रफ्तार, हवा में अचानक बदलाव और कम समय में सटीक फैसले लेने के पीछे वायुसेना के पायलटों का कठोर प्रशिक्षण और तकनीकी टीम की व्यापक तैयारी होती है।

इस आयोजन ने आम नागरिकों को यह प्रत्यक्ष रूप से देखने और समझने का अवसर दिया कि देश की सीमा सुरक्षा और हवाई सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वायुसेना के जवान और अधिकारी किस स्तर के समर्पण और पेशेवर निपुणता के साथ काम करते हैं।

काशी की सांस्कृतिक विरासत और सैन्य शक्ति का संगम

वाराणसी में आयोजित इस कार्यक्रम को खास बनाने के लिए स्थानीय स्तर पर भी विस्तृत तैयारियां की गई थीं। शहर के विभिन्न हिस्सों में विशेष स्वागत केंद्र स्थापित किए गए थे, जहां पहुंचने वाले लोगों और अतिथियों का स्वागत काशी की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं के अनुसार किया गया। स्वागत की मुख्य विशेषताओं में शामिल थीं:

  • पारंपरिक ढोल-नगाड़ों की थाप और डमरू की गूंज से पूरे वातावरण को उत्सवमय बनाया गया।
  • वैदिक शंखनाद और पुष्पवर्षा के साथ लोगों का अभिनंदन किया गया।

इस प्रकार नमो घाट पर काशी की सदियों पुरानी ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत का भारतीय वायुसेना के शौर्य और आधुनिक सैन्य शक्ति के साथ एक अद्भुत संगम देखने को मिला।

'नभः स्पृशं दीप्तम्' की भावना हुई साकार

भारतीय वायुसेना का ध्येय वाक्य 'नभः स्पृशं दीप्तम्' है, जिसका अर्थ 'गर्व के साथ आकाश को छुओ' होता है। काशी के गगन में आयोजित 'विंग्स ओवर गंगा' कार्यक्रम ने इस ध्येय वाक्य की मूल भावना को पूरी तरह से उजागर किया। गंगा के ऊपर वायुसेना के जांबाजों द्वारा प्रदर्शित सटीक उड़ान और हवाई अभियानों के कौशल ने यह सिद्ध कर दिया कि भारतीय वायुसेना देश के आकाश को सुरक्षित रखने के लिए हर समय पूरी तत्परता से तैयार है।

चेतन तिवारी पाबना के उत्तर प्रदेश संवाददाता हैं और राज्य की राजनीति, प्रशासन तथा जमीनी मुद्दों को कवर करते हैं। लखनऊ में रहते हुए वे जिलों से लेकर विधानसभा तक की खबरें संतुलित रिपोर्टिंग के साथ पाठकों तक पहुंचाते हैं। आम लोगों के मुद्दों और स्थानीय घटनाओं पर उनका खास फोकस रहता है।

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