शेयर बाजार की दिशा तय करेंगे ये बड़े कारक, अगले हफ्ते निवेशकों की नजरें इन खबरों पर बाज़ार एक घंटा पहले 4
आने वाले सप्ताह में घरेलू शेयर बाजार की चाल वैश्विक परिस्थितियों और भू-राजनीतिक तनावों के बीच तय होगी। निवेशकों का ध्यान फेडरल ओपन मार्केट कमेटी की बैठक और कच्चे तेल की कीमतों पर मुख्य रूप से केंद्रित रहेगा।

वैश्विक संकेत और कच्चे तेल की कीमतों का असर

अगले सप्ताह घरेलू शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। बाजार के जानकारों का मानना है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की वर्तमान स्थिति, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव और कच्चे तेल के दामों में हो रही हलचल घरेलू बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। कंपनियों के तिमाही नतीजों का दौर अब लगभग समाप्त हो चुका है, जिसके बाद निवेशकों का ध्यान पूरी तरह से वैश्विक घटनाओं और विदेशी निवेशकों के रुख पर शिफ्ट हो गया है।

प्रमुख वैश्विक घटनाक्रमों पर निवेशकों की पैनी नजर

रिलायंस ब्रोकिंग के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (रिसर्च) अजित मिश्रा के अनुसार, बाजार अब तिमाही परिणामों के प्रभाव से बाहर निकल रहा है और आगामी सप्ताह डेटा के नजरिए से काफी शांत रहने वाला है। ऐसे में बाजार में बड़ी हलचल वैश्विक मौद्रिक नीतियों, ब्रेंट क्रूड के उतार-चढ़ाव और भू-राजनीतिक तनावों के कारण देखी जा सकती है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जुड़ी हर गतिविधि पर निवेशकों की कड़ी नजर बनी रहेगी।

FOMC की बैठक के ब्योरे से क्या उम्मीदें हैं?

अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियों को लेकर स्पष्टता पाने के लिए निवेशक फेडरल ओपन मार्केट कमेटी यानी FOMC की बैठक के मिनट का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। यह ब्योरा 19 अगस्त को सार्वजनिक किया जाएगा। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि फेडरल रिजर्व का रुख बाजार की उम्मीदों से अधिक सख्त होता है, तो यह भारतीय बाजार समेत अन्य उभरते बाजारों के लिए चिंता का सबब बन सकता है। इससे विदेशी निवेश में कमी आ सकती है और बाजार में अस्थिरता बढ़ सकती है।

भू-राजनीतिक तनाव का बाजार पर दबाव

एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर. ने इस बात पर जोर दिया है कि अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनातनी का सीधा असर बाजार की धारणा पर पड़ेगा। इसके अतिरिक्त, बजाज ब्रोकिंग के वाइस प्रेसिडेंट (रिसर्च) पबित्रो मुखर्जी का कहना है कि कच्चे तेल की कीमतों में कोई भी बड़ा बदलाव निवेशकों के मनोबल को प्रभावित कर सकता है, इसलिए बाजार के खिलाड़ी इन अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों को बहुत बारीकी से ट्रैक कर रहे हैं।

चीन के आर्थिक आंकड़े और बाजार का पिछला प्रदर्शन

जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर के मुताबिक, कच्चे तेल के भाव, भू-राजनीतिक स्थितियां, FOMC बैठक के नतीजे और चीन से आने वाले आर्थिक आंकड़े इस हफ्ते बाजार की चाल तय करेंगे। ये संकेतक वैश्विक अर्थव्यवस्था की सेहत और अमेरिकी केंद्रीय बैंक की भावी रणनीति के बारे में अहम संकेत देंगे। गौरतलब है कि पिछले हफ्ते भारतीय बाजारों में दबाव देखा गया था। बीएसई सेंसेक्स 489.92 अंक यानी 0.62 प्रतिशत फिसल गया था, जबकि एनएसई निफ्टी 204.65 अंक यानी 0.83 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ था।

राजीव खन्ना पाबना के व्यापार संवाददाता हैं और कंपनियों, बाजार तथा अर्थव्यवस्था की खबरों को सरल भाषा में समझाते हैं। कारोबार जगत के बड़े फैसलों, नीतिगत बदलावों और उनके आम आदमी पर असर को वे गहराई से कवर करते हैं। उनका मकसद जटिल आर्थिक खबरों को हर पाठक के लिए आसान बनाना है।

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